दैनंदिन जीवन में बदलाव करने से हम लिव्हर को स्वस्थ रख सकते हैं : विशेषज्ञ
पुणे : लिवर यह सबसे महत्वपूर्ण अवयव मे से एक है जो चयापचय, पाचन, रोगप्रतिकारक शक्ती, शरीर से टाकाऊ पदार्थों को बाहर निकालना ऐसे बहुविध काम करता है. परंतु गलत जीवनशैली की वजह से लिव्हर के स्वास्थ्य पर लक्षणीय परिणाम होता है. हमारे जीवनशैली में, सरल बदलाव करने से हम लिवर के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं ऐसी राय विशेषज्ञों ने दी.
हर साल १९ अप्रैल को जागतिक यकृत दिन इस महत्वपूर्ण अवयव के कार्य पर और उसके स्वास्थ्य के महत्व पर रोशनी डालता है. इस साल की संकल्पना फूड इज मेडिसीन यह है जिसमें लिव्हर की बीमारी को रोकने में संतुलित आहार के महत्व को अधोरेखित करता है
नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर के हेपॅटोलॉजिस्ट और गॅस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट डॉ.प्रमोद कटारे ने कहा की, गलत जीवनशैली और ज्यादा शक्कर,चरबीयुक्त आहार, मैदायुक्त पदार्थ का नियमित सेवन इन सभी चीजों से फॅटी लिव्हर की जोखिम बढ़ रही है. इसको अनदेखा करने पर लिवर का नुकसान हो सकता है. परेशानी की बात यह है की, यह २० से ३० उम्र के मरीजों की संख्या बढ रही है. हमारे लिव्हर का लगभग ८० प्रतिशत नुकसान हुए बिना लक्षण नहीं दिखते है. इस वजह से यह नुकसान शुरू रहता है और समय के साथ ऐसी स्तर पर पहुच जाता है की वहा से वापस आना मुश्किल हो जाता है. फॅटी लिव्हर के बारे में कोई लक्षण नजर नहीं आता. सामान्य रूप में थोड़ी थकावट महसूस होती है. इसका निदान स्वास्थ्य शिबिर में चिकित्सा के दौरान होता है . कई बार निदान ॲसिडीटी जैसे अन्य बिमारी के उपचार के लिए आने वाले लोगों में निदान के द्वारा होता है.
उन्होंने आगे कहा की, फॅटी लिव्हर यह स्थिती मोटापा या रक्तचाप जैसे तेजी से बढ़ रही है. इस लिए इसके बारे में जागरूकता जरुरी है. अभी की जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए लिव्हर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) जैसी ब्लड टेस्ट और जरूरत होने पर सोनोग्राफी के माध्यम से फॅटी लिव्हर का निदान पहले स्तर पर हो सकता है. जिनकी जीवनशैली गलत है, उनके उम्र के २५ साल बाद एलएफटी की जांच करना फ़ायदे का होगा. जब फॅटी लिव्हर का निदान प्राथमिक स्तर पर होता है, तब जीवनशैली और दिनचर्या में बदलाव लाने का सुझाव दिया जाता है. इसका फायदा नहीं हुआ तो दवाई दी जाती है. अभी इंटरमिटंट फास्टींग यह युवाओं में लोकप्रिय हो चुका है . लेकिन यह करते हुए मर्यादा में रह कर वजन कम करने के लिए गलत कदम न उठाये. विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में और जब तक आप कर सकते हैं उसी समय के लिए उपवास करने पर फायदा हो सकता है .लेकिन फॅटी लिव्हर दूर करने के लिए आहार के साथ साथ व्यायाम भी उतना ही जरूरी है.
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