
इटावा जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति/वृक्षारोपण समिति/पर्यावरण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूति की गई।
विशाल समाचार संवाददाता इटावा
बैठक में सर्वप्रथम जिलाधिकारी महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में घर घर से कूड़ा उठाकर कलेक्शन किया जाए एवं स्थान चिन्हित कर कूड़ा डाला जाए साथ ही साथ उन्होंने यह भी अवगत कराया कि प्लास्टिक, पॉलीथिन, थर्मोकोल का प्रयोग बंद करके इसके स्थान पर दोना पत्तल के कार्य पर बढ़ावा दिए जाने का कार्य किया जाए।
उन्होंने पर्यावरण को लेकर कहा कि प्लांटेशन प्रॉपर तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में कौन से पौधे लगाने हैं एवं कौन से पौधे लगाए जा सकते हैं कि सूची बनाकर प्राप्त कराई जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की पी0पी0टी0 बनाकर बैठक में डिस्प्ले की जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्ष के अनुभव प्लान के हिसाब से इस साल के प्लांटेशन का एक्शन प्लान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पौधों को लंबे समय तक बचाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति के अनुसार प्लांटेशन किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को प्लांटेशन की पूर्ण जानकारी नहीं है तत्पश्चात ग्राम पंचायतों में बैठक की जाए और वन विभाग द्वारा लोगों को प्लांटेशन की ट्रेनिंग दी जाए। उन्होंने कहा कि नदी के आस-पास प्लास्टिक उठाने के कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उन्होंने कहा कि नगर पालिका और ग्राम पंचायत द्वारा लोगों को रोका जाए कि किसी भी प्रकार का सॉलिड वेस्ट, लिक्विड वेस्ट नदी में ना जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक किया जाए कि वह नदी में कूड़ा, कपड़ा आदि न फेंके। उन्होंने कहा कि प्राइवेट नर्सिंग होम के बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर ध्यान दिया जाए एवं बायोमेडिकल वेस्ट को सामान्य वेस्ट में न फेंका जाए। उन्होंने कहा थाने में भी प्लांटेशन कराया जाए एवं जो पौधे सरवाइव कर सकें उन्हें ही लगाया जाए। उन्होंने कहा कि लोग पौधे की देखभाल को गंभीरता से नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा कि गांव चिन्हित किए जाएं और वहां पौधे लगाए जाएं।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह, उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


