इटावा

परंपरागत कारीगरों के लिए वरदान बनी “पीएम विश्वकर्मा योजना”

परंपरागत कारीगरों के लिए वरदान बनी “पीएम विश्वकर्मा योजना”

पंजीकरण की प्रक्रिया जारी, जन सेवा केंद्रों के माध्यम से करें आवेदन

 

इटावा(विशाल समाचार)भारत सरकार द्वारा परंपरागत हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों के लिए शुरू की गई “पीएम विश्वकर्मा योजना” का लाभ अब इटावा जनपद के पात्र लाभार्थियों को भी मिलने जा रहा है। यह जानकारी उप आयुक्त उद्योग एवं सदस्य संयोजक, जिला क्रियान्वयन समिति (पीएम विश्वकर्मा) श्री सुधीर कुमार ने दी।

उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों को विशिष्ट पहचान, कौशल विकास, उन्नत उपकरण, ब्याज रहित ऋण, डिजिटल लेन-देन एवं ब्रांडिंग सपोर्ट प्रदान करना है। यह योजना 17 सितम्बर 2023 से पूरे देश में लागू की जा चुकी है और इसका नोडल विभाग एमएसएमई (MSME) है।

प्रमुख विशेषताएं:

1. वर्तमान में 5 ट्रेड— अस्त्रकार, नाव निर्माण, जूता निर्माण (शू मेकर), सुनार तथा ताला निर्माण को शामिल किया गया है।

2. न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष निर्धारित है।

3. लाभार्थियों को सीएससी (जन सेवा केंद्र) के माध्यम से अपने ट्रेड का ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।

4. पंजीकरण के उपरांत 5 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद ₹15,000 मूल्य के e-vouchers टूलकिट खरीदने हेतु दिए जाएंगे।

5. प्रशिक्षण के बाद इच्छुक लाभार्थी को ₹1 लाख तक का गारंटी मुक्त ऋण केवल 5% ब्याज दर पर उपलब्ध होगा।

6. इस ऋण की अदायगी के पश्चात 15 दिवसीय एडवांस स्किल ट्रेनिंग और ₹2 लाख तक का दूसरा ऋण भी उसी ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया:

पात्र अभ्यर्थी योजना की वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर या जन सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विभिन्न विभागों की सहायता से अभ्यर्थियों का सत्यापन किया जाएगा और अंतिम चयन जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति के माध्यम से होगा।

 

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