“श्री गणेश गीता के कर्मयोग पर प्रवचनमाला 18 मई से प्रारंभ”
परम पूज्य गणपत्य विद्यावाचस्पति स्वानंद पुंड शास्त्री महाराज करेंगे निरूपण
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट द्वारा आयोजन
पुणे (डीएस तोमर) श्री गणेश नाम की महिमा अनंत और अद्वितीय है। इस महात्म्य के आगे का महत्वपूर्ण अध्याय श्री गणेश गीता में वर्णित कर्मयोग है। इसी विषय पर आधारित एक विशेष प्रवचनमाला का आयोजन श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट एवं सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से किया गया है। यवतमाल जिले के वणी से पधारे परम पूज्य गणपत्य विद्यावाचस्पति स्वानंद पुंड शास्त्री महाराज इस प्रवचनमाला में कर्मयोग के गूढ़ रहस्यों का विस्तृत निरूपण करेंगे। यह प्रवचनमाला सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क व खुली रहेगी, ऐसी जानकारी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री सुनील रासने ने दी।
यह प्रवचनमाला 18 मई से 24 मई तक प्रतिदिन सायं 6.30 से 8.00 बजे तक नूतन मराठी विद्यालय प्रशाला एवं कनिष्ठ महाविद्यालय, श्रीमंत थोरले बाजीराव रोड, पुणे के सभागृह में आयोजित की जाएगी।
पूर्व प्रवचनमाला में श्री गणेश नाम की महिमा, श्री गणेश पुराण के अद्भुत अवतारों और उनकी लीलाओं के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया था। उसी शृंखला में इस बार कर्मयोग जैसे गंभीर विषय पर प्रकाश डाला जाएगा। भगवान श्री गणेश ने राजा वरेण्य को कर्मयोग का महत्व समझाते हुए कहा कि ज्ञाननिष्ठा और कर्मनिष्ठा – दोनों के फल एक समान होते हैं। इसी गूढ़ तत्व की व्याख्या इस बार की प्रवचनमाला में की जाएगी।



