पूणे

मुस्लिम धर्मस्थलों पर एकतरफा कार्रवाई न हो : मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने की मांग

मुस्लिम धर्मस्थलों पर एकतरफा कार्रवाई न हो : मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने की मांग

 

पुणे : मुस्लिम धर्मस्थलों पर केवल हिंदुत्ववादी दबाव के चलते एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जो अन्यायपूर्ण है। ऐसी कार्रवाई को कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी और जल्द ही आंदोलन भी किया जाएगा। यह स्पष्ट चेतावनी पुणे महानगरपालिका के पूर्व नगरसेवक गफूर पठान ने आज पुणे महानगरपालिका आयुक्त डॉ. राजेंद्र भोसले को दी।

 

मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

 

पुणे शहर के विभिन्न इलाकों में मस्जिद, मदरसा और दरगाहों पर पुणे महानगरपालिका द्वारा कार्रवाई की जा रही है। मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। इस संबंध में ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी’ की ओर से एक ज्ञापन आयुक्त डॉ. राजेंद्र भोसले और नगर अभियंता प्रशांत वाघमारे को सौंपा गया।

 

इस मौके पर ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर माइनॉरिटी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल डंबाले, पूर्व नगरसेवक एडवोकेट अयूब शेख, पूर्व नगरसेवक रफीक शेख, गफूर पठान, कांग्रेस नेता महबूब शेख, मोहसिन शेख, रफीक शेख, महबूब नदाफ, जावेद खान, शहाबुद्दीन शेख, जावेद शेख, किसान जाफरी, रऊफ शेख सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

केवल मुस्लिम धर्मस्थलों पर कार्रवाई अनुचित : डंबाले

 

शहर में दस हजार से अधिक धार्मिक स्थल अवैध हैं, लेकिन केवल मुस्लिम धर्मस्थलों पर ही कार्रवाई की जा रही है। यह कानून में असमानता दिखाता है और मुस्लिम समुदाय पर धार्मिक अत्याचार है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। यह बात राहुल डंबाले ने कही।

 

सभी धार्मिक स्थलों के लिए समान नियम लागू हों : अयूब शेख

 

वरिष्ठ नगरसेवक अयूब शेख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिन धार्मिक स्थलों को नियमित किया जा सकता है, उन्हें नियमित किया जाए और किसी भी धार्मिक स्थल पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न की जाए।

धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप

 

रफीक शेख ने कहा कि देश में तनावपूर्ण स्थिति है, ऐसे में सभी को धार्मिक शक्तियों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। लेकिन भारतीय जनता पार्टी धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और मंदिर-मस्जिद विवाद को बढ़ावा दे रही है, जो निंदनीय है।

कानूनी लड़ाई का इशारा

 

महबूब नदाफ ने कहा कि कार्रवाई करते समय किसी भी धर्म के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रशासन की यह एकतरफा कार्रवाई अगर जारी रही तो इसके खिलाफ अदालत में भी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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