इटावा में भूमि विवादों के समाधान के लिए श्रावस्ती मॉडल पर चल रहा विशेष अभियान, 641 मामलों में 92.33 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त
इटावा, विशाल समाचार संवाददाता
जन शिकायतों, विशेष रूप से भूमि विवादों का त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में आयुक्त महोदय, कानपुर मण्डल के निर्देश पर जिलाधिकारी श्री शुभ्रान्त कुमार शुक्ल द्वारा 5 मई 2025 से जनपद इटावा में भूमि विवादों का समाधान श्रावस्ती मॉडल के आधार पर प्रारम्भ किया गया है।
सप्ताह में दो दिन चलाया जा रहा अभियान
यह अभियान जिले की सभी 6 तहसीलों और 20 थानों में सप्ताह के दो दिन—मंगलवार और गुरुवार—को संचालित किया जाता है। अभियान के तहत सर्वाधिक भूमि विवादों वाले ग्रामों का चयन कर, राजस्व एवं पुलिस विभाग की 10 सदस्यीय 2 संयुक्त टीमें ग्राम के सभ्रान्त नागरिकों की उपस्थिति में आपसी बातचीत, सुलह-समझौता, जांच और पैमाइश के माध्यम से विवादों का समाधान करती हैं। इन टीमों का नेतृत्व उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और उप निरीक्षक द्वारा किया जाता है।
अभियान दिवस पर आवश्यक साक्ष्य लेकर पहुंचे ग्रामीण
प्रशासन ने जन सामान्य से अनुरोध किया है कि अभियान दिवस पर अपने ग्राम में भूमि विवाद से संबंधित सभी आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख लेकर उपस्थित रहें, ताकि उनकी समस्या का प्रभावी स्थलीय समाधान किया जा सके।
पर्यवेक्षण की सख्त व्यवस्था
जनपद स्तर पर इस अभियान का पर्यवेक्षण अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) श्री अभिनव रंजन श्रीवास्तव तथा तहसील स्तर पर संबंधित उप जिलाधिकारी द्वारा किया जाता है।
आज के अभियान की उपलब्धियां
आज, 29 मई 2025 को, जिले की सभी 6 तहसीलों के अंतर्गत 12 थानों के 14 ग्रामों में संयुक्त टीमें पहुंचीं। उन्होंने कुल 96 भूमि विवादों के मामलों की पहचान कर, संबंधित पक्षों से बातचीत, जांच और पैमाइश के माध्यम से शत-प्रतिशत मामलों का समाधान कराया।
15.39 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई।
39 रास्ते, 14 नालियां, 5 तालाब, 2 चारागाह, 8 खाद के गड्ढे, 20 नवीन परती/बंजर भूमि, 3 खलिहान, 3 वृक्षारोपण और 1 आबादी भूमि को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।
अब तक की उपलब्धियां
अभियान के प्रारंभ से अब तक जनपद के 122 ग्रामों में कुल 641 भूमि विवादों का समाधान करते हुए 92.33 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान का लाभ उठाएं और भूमि विवादों के समाधान के लिए पूरी जानकारी एवं दस्तावेजों के साथ अभियान दिवस पर अवश्य उपस्थित रहें।



