
बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियाँ तत्काल शुरू कर दें – कलेक्टर
आपदा प्रबंधन के लिए कम्युनिकेशन प्लान में सभी के फोन नम्बर अपडेट करें – कलेक्टर
रीवा विशाल समाचार संवाददाता: कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष मानसून के समय से एक सप्ताह पहले पहुंचने तथा अच्छी वर्षा का अनुमान मौसम विभाग द्वारा लगाया गया है। बाढ़ तथा अतिवृष्टि से राहत और बचाव की तैयारियाँ तत्काल शुरू कर दें। जल संसाधन विभाग के अधिकारी त्योंथर तथा जिला स्तर में कंट्रोल रूम बनाकर बाणसागर परियोजना तथा उत्तरप्रदेश के मेजा, सिरसी एवं अदवा बांधों के कंट्रोल रूम से सतत संपर्क में रहें। एसडीएम त्योंथर तथा जवा बाढ़ से प्रभावित होने वाले 120 गांवों में राहत शिविर के लिए उचित स्थलों का चिन्हांकन कर लें। बाढ़ की स्थिति में गोताखोर दल, नाव चलाने वाले, जेसीबी तथा क्रेन चलाने वाले आपरेटर आदि की सूची बनाकर उनके फोन नम्बर कंट्रोल रूम को उपलब्ध करा दें। पंचायत स्तर पर भी बाढ़ राहत और बचाव के उचित प्रबंध कर लें। अतिवृष्टि अथवा बाढ़ की सूचना मिलने पर कंट्रोल रूम तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। कंट्रोल रूम में पंजी संधारित कर महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रतिदिन दर्ज करें।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आपदा प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर टीम गठित कर दें। सभी बीएमओ के पास पर्याप्त दवाएं उपलब्ध करा दें। उप संचालक पशुपालन पशुओं के लिए चारा-भूसा एवं उपचार की व्यवस्था कर लें। बाढ़ में मृत पशुओं के निष्पादन की भी व्यवस्था करें। आयुक्त नगर निगम तथा सभी सीएमओ शहरी क्षेत्र के नालों एवं नालियों की साफ-सफाई तत्काल कराएं। रीवा में बांसघाट, निपनिया, पुष्पराजनगर, बिछिया तथा तरहटी मोहल्लों में बाढ़ का प्रकोप होने पर राहत और बचाव की समुचित व्यवस्था करें। सभी एसडीएम अपने अनुभाग में आपदा प्रबंधन की बैठक करके आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें। जिला कमाण्डेंट होमगार्ड्स बाढ़ से बचाव के लिए नाव, रस्सी, टार्च तथा अन्य उपकरणों की तत्काल व्यवस्था कर लें। त्योंथर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के लिए लोगों को प्रशिक्षण देकर जागरूक करें। एसडीएम सिरमौर बकिया बराज और टमस बराज के अधिकारियों से संपर्क में रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बैठक में कलेक्टर ने बाढ़ की स्थिति में बिजली की वैकल्पिक आपूर्ति, वाहनों की व्यवस्था, खाद्यान्न तथा पेयजल की आपूर्ति एवं उपचार व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहें। कंट्रोल रूम को शीघ्र सक्रिय करें। अतिवृष्टि की स्थिति में नदियों और बांधों के जल स्तर से संबंधित सूचनाओं को हर घंटे आदान-प्रदान सुनिश्चित करें। उत्तरप्रदेश के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से भी सतत संपर्क में रहें। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों को समय पर सूचना दें। सभी एसडीएम बाढ़ से बचाव तथा राहत कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजनों के सहयोग के लिए भी सचेत रहें। बैठक में आयुक्त नगर निगम डॉ सौरभ सोनवड़े, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर, संयुक्त कलेक्टर पीके पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रेयस गोखले, सभी एसडीएम जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
