
एसआरए जैसी योजनाओं पर पुनर्विचार की मांग, मुख्य न्यायाधीश से चर्चा करेंगे एड. असीम सरोदे
पुणे:रिपब्लिकन युवा मोर्चा द्वारा आयोजित झोपड़पट्टी अधिकार परिषद का आयोजन पुणे में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ विधिवेत्ता एड. असीम सरोदे ने कहा कि एसआरए (झोपड़पट्टी पुनर्वसन अधिनियम) जैसी योजनाओं ने महाराष्ट्र सहित देशभर में गरीबों को उजाड़कर अमीर बिल्डरों को और अमीर बनाने का काम किया है। कोथरूड क्षेत्र में कुछ नेताओं को भीमनगर नहीं चाहिए, लेकिन यह केवल घरों का नहीं, बल्कि मूलभूत अधिकारों का विषय है। उन्होंने बताया कि देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण गवई से देशभर के एसआरए प्रकल्पों के संबंध में चर्चा की जाएगी।
परिषद में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस परिषद में रिपब्लिकन मोर्चा अध्यक्ष राहुल डंबाळे, एसआरए संघर्ष समिति के देविदास ओव्हाळ, जावेद शेख, एड. बालकृष्ण निराळकर, सागर किरण सोनवणे, राहुल नागटिळक, सिकंदर मुलाणी आदि प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं।

गरीबों के अधिकारों की अनदेखी
एड. सरोदे ने कहा कि गरीबों के अधिकारों की अनदेखी बढ़ती जा रही है। नेताओं को झोपड़पट्टी सिर्फ चुनाव के समय याद आती है। एसआरए में शामिल न होने वाले क्षेत्रों को भी इसमें दर्शाया जा रहा है, जिसमें बिल्डर और अधिकारियों की मिलीभगत है। इसके बावजूद सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। भीमनगर के मुद्दे पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और संबंधित सभी की जनसुनवाई की आवश्यकता है।
विधान भवन का घेराव करने की घोषणा
रिपब्लिकन युवा मोर्चा के अध्यक्ष राहुल डंबाळे ने कहा कि भीमनगर प्रकरण में बिल्डर ने न सिर्फ झोपड़पट्टीवासियों, बल्कि एसआरए की भी धोखाधड़ी की है। यह भ्रष्ट बिल्डर, एसआरए अधिकारी और पुलिस की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। उन्होंने राज्य विधानमंडल के आगामी पावसाळी अधिवेशन में विधान भवन का घेराव करने की घोषणा की।
झोपड़पट्टीवासियों ने रखीं अपनी समस्याएं
इस अवसर पर भीमनगर वासियों और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम का संचालन राहुल नागटिळक ने किया और धन्यवाद जावेद शेख ने दिया।
परिषद में पारित प्रमुख प्रस्ताव

एरंडवणे स्थित भीमनगर एसआरए प्रकल्प रद्द किया जाए।
एसआरए में झोपड़पट्टीधारकों की सहमति की शर्त फिर से 70% की जाए।
झोपड़पट्टीधारकों के साथ धोखाधड़ी करनेवाले बिल्डरों पर मोक्का कानून के तहत कार्रवाई हो।
झोपड़पट्टीधारकों पर अन्याय करनेवाले बिल्डरों का साथ देनेवाले भ्रष्ट एसआरए अधिकारियों पर आपराधिक मामले दर्ज हों।
एसआरए में शिकायत निवारण के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शिकायत निवारण कक्ष स्थापित कर उसकी त्रैमासिक बैठकें हों।


