
पुणे विभाग में कोविड-19 की स्थिति की उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा समीक्षा
पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधान भवन में आयोजित बैठक में पुणे विभाग में कोविड-19 महामारी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भले ही लक्षण हल्के हैं, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों और सह-रोग (को-मॉर्बिडिटी) वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग, महानगरपालिका तथा अन्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
इस बैठक में विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवलकिशोर राम, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह, पुणे जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी, स्वास्थ्य संचालक डॉ. विजय कंदेवाड तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोल्हापुर मनपा आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, कोल्हापुर, सातारा, सोलापुर, सांगली जिलों के जिलाधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर डॉ. कंदेवाड ने कोविड-19 के संदर्भ में प्रस्तुतीकरण किया। वर्तमान में जांच में ओमिक्रॉन के JN, XFG और GF7-9 उपप्रकार पाए जा रहे हैं। इन उपप्रकारों से बुखार, खांसी, गले में दर्द जैसे हल्के लक्षण होते हैं। केवल रक्तशर्करा, कैंसर जैसी सह-रोग वाले, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम वाले नागरिकों को थोड़ा अधिक खतरा है। ऐसे लोगों को भीड़-भाड़ से बचना चाहिए, हाथों की सफाई, मास्क का उपयोग और सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच और इलाज कराना चाहिए, ऐसी सलाह दी गई।
इस बैठक में सहायक संचालक डॉ. प्रशांत वाडीकर, विभाग के सभी जिला सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे। उन्हें कोविड और वारी के संबंध में सतर्कता बरतने, सभी अस्पतालों को संभावित कोविड लहर के लिए तैयार रखने तथा नियमित जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।


