सीतामढ़ी

राज्य के गन्ना किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान: रीगा में माननीय मंत्री, गन्ना उद्योग विभाग ने किया बकाया भुगतान का शुभारंभ

राज्य के गन्ना किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान: रीगा में माननीय मंत्री, गन्ना उद्योग विभाग ने किया बकाया भुगतान का शुभारंभ

• गुड़ इकाई स्थापना पर 50% अनुदान का प्रावधान

पेराई सत्र 2024-25 में किसानों को राहत देते हुए ₹10/क्विंटल की दर से निर्धारित ईख मूल्य के अतिरिक्त 61.21 करोड़ रुपये का भुगतान

ब्यूरो विशाल समाचार सीतामढ़ी

माननीय मंत्री, गन्ना उद्योग विभाग, श्री कृष्णनंदन पासवान ने आज रीगा चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना किसानों को राहत प्रदान करते हुए पूर्ववर्ती वर्षों के बकाया ईख मूल्य भुगतान की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया । उन्होंने 26 किसानों को चेक/बैंक ट्रांसफर के माध्यम से ऐतिहासिक भुगतान प्रक्रिया की शुरुआत की, जबकि शेष किसानों को राशि बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दी जा रही है । भुगतान प्रक्रिया का शुभारंभ करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है । उन्होंने किसानों से आगामी पेराई सत्रों में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और उत्पादन में वृद्धि करने का आह्वान किया साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

माननीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना एवं कृषि यंत्रीकरण योजना के प्रति किसानों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय किसान संगोष्ठी का आयोजन शीघ्र ही शिवहर जिले में किया जाएगा ताकि इस संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को विस्तृत जानकारी दी जा सके एवं गन्ना उत्पादन में वृद्धि हो और कृषकों की आय में ठोस सुधार सुनिश्चित हो ।

किसानों को संबोधित करते हुए माननीय सांसद श्रीमती लवली आनंद ने कहा कि आज के इस भुगतान कार्यक्रम से गन्ना किसानों के मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लौट आई है । उन्होंने कहा कि जब रीगा चीनी मिल अपनी पूरी उत्पादन क्षमता पर कार्य करना शुरू करेगी, तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और उनकी आमदनी में भी निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी । उन्होंने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे किसानों के हित में एक सकारात्मक और भरोसा जगाने वाला कदम बताया ।

इस अवसर पर गन्ना उद्योग विभाग के सचिव श्री बी. कार्तिकेय धनजी ने बताया कि गन्ना किसानों की उन्नति एवं समृद्धि को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए ₹49.00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष के ₹ 26.60 करोड़ की तुलना में लगभग दोगुना है। उन्होंने बताया कि योजना के दायरे में संशोधन करते हुए पूर्ववर्ती वर्षों में दी जा रही अधिकतम 2.5 एकड़ भूमि की सीमा को घटाकर अब प्रति किसान 1 एकड़ कर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सरकार की योजना का लाभ मिल सके ।

पेराई सत्र 2024-25 के अंतर्गत राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देते हुए ₹10/क्विंटल की दर से निर्धारित ईख मूल्य के अतिरिक्त भुगतान का निर्णय लिया है । इस निर्णय के तहत अब तक ₹61 करोड़ 21 लाख रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। रीगा चीनी मिल क्षेत्र के सभी कृषकों को 100 प्रतिशत भुगतान पूरा कर दिया गया है । उन्होंने कहा कि राज्य के लिए गन्ना एक प्रमुख नकदी एवं वाणिज्यिक फसल है, जो कृषि आधारित उद्योगों विशेषतः चीनी उद्योग का आधार है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं।

गन्ना सचिव ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में किसानों के हित में गन्ना यंत्रीकरण योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत उत्पादन लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए गन्ना रिकवरी में सुधार का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लिए 2025-26 में ₹10 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है और इसे SuMech पोर्टल के माध्यम से लागू किया जा रहा है। गुड़ उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹11 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत गुड़ इकाई स्थापना पर 50% अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा ccs.bihar.gov.in पर उपलब्ध है ।

इस अवसर पर माननीय कला एवं संस्कृति मंत्री श्री मोती लाल प्रसाद ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, और ऐसी योजनाएं किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बन रही हैं। बकाया भुगतान प्रक्रिया के शुभारंभ के अवसर पर श्री अनिल कुमार झा, ईखायुक्त, श्री रिची पांडेय, जिलाधिकारी, सीतामढ़ी, श्री पी. देवराजुलू, महाप्रबंधक, रीगा शुगर कंपनी लिमिटेड तथा संयुक्त ईखायुक्त श्री जय प्रकाश नारायण सिंह उपस्थित रहे।

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