सीतामढ़ी

जिले में उत्पन्न जल संकट से निपटने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

जिले में उत्पन्न जल संकट से निपटने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

सभी संबंधित विभागों को दिए गए सख्त निर्देश, जनप्रतिनिधियों से भी मांगा गया सहयोग

ब्यूरो विशाल समाचार सीतामढ़ी 

सीतामढ़ी जिले में इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण भूगर्भीय जल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप जिले के कई प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस संकट से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन सतर्क एवं सक्रिय भूमिका में है। इसी क्रम में आज समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में एडीएम आपदा प्रबंधन, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी एवं विद्युत विभाग, जिला पशुपालन पदाधिकारी, पीएचईडी के सभी कनीय अभियंता एवं संवेदक, प्रभावित पंचायतों के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।साथ ही जिले के सभी बीडीओ, सीओ, बीपीआरओ, नगर निकायों के पदाधिकारी तथा प्रखंडवार जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े हुए थे।

 

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने पीएचईडी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संकट से निपटने के लिए हर संभव संसाधन और रणनीति का समुचित उपयोग करें। उन्होंने सभी संवेदकों को सख्त हिदायत दी कि बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए, अन्यथा लापरवाही पर कठोर कार्रवाई तय है।

उन्होंने पीएचईडी के सभी कनीय अभियंताओं को निर्देशित किया कि वे आमजन की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उनके कॉल का उत्तर दें एवं मौके पर जाकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि “इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता जनता के प्रति है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”

प्रखंड एवं शहरी स्तर पर समन्वय की जरूरत : जिलाधिकारी

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को पीएचईडी विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने, तथा नगर निकायों को शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि “हर स्तर पर आपसी समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए ही हम इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से पार पा सकते हैं।”

जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील

बैठक में उपस्थित सभी माननीय जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि वे जिला प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय बनाकर ज़मीनी स्तर से प्राप्त फीडबैक साझा करें, ताकि समय पर सटीक एवं प्रभावी कदम उठाया जा सके।

 

मीडिया से संवाद : “हर स्तर पर हो रहा है प्रयास” – जिलाधिकारी

बैठक उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री पांडेय ने कहा कि “जिला प्रशासन इस आपात स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रहा है।” उन्होंने बताया कि जिले के अधिकांश प्रखंड जल संकट की चपेट में हैं और इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि—

प्रभावित क्षेत्रों में पीएचईडी द्वारा पर्याप्त संख्या में टैंकरों से प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।

पुराने चापाकलों का नवीनीकरण (कन्वर्जन) किया जा रहा है।

जहां आवश्यक है, वहां नए चापाकल भी स्थापित किए जा रहे हैं।

बंद पड़े नल जल योजनाओं को चालू करने की कार्रवाई तेजी से चल रही है।

शहरी क्षेत्रों में प्याऊ, टंकी आदि की व्यवस्था की जा रही है।

जिला मुख्यालय से संबंधित पदाधिकारी हर प्रखंड से नियमित संपर्क में हैं और मैदानी कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

अंत में जिलाधिकारी ने जनता से अपील की कि वे संयम एवं सहयोग बनाए रखें। जिला प्रशासन उनके सहयोग के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

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