पूणे

टैंगो मल्हार” फिल्म से उद्यमी और वैज्ञानिक का मराठी सिनेमा में डेब्यू

टैंगो मल्हार” फिल्म से उद्यमी और वैज्ञानिक का मराठी सिनेमा में डेब्यू

 

साय दाते निर्मित व निर्देशित ‘टैंगो मल्हार’ 19 सितंबर को पूरे महाराष्ट्र में रिलीज़

 

रिक्शा चालक की प्रेरणादायी यात्रा पर आधारित है फिल्म की कहानी

 

फिल्मी दुनिया का आकर्षण कुछ अलग ही होता है। चाहे इंसान किसी भी क्षेत्र में काम करे, सिनेमा का जुनून अक्सर उन्हें अपने सपनों की तरफ खींच ही लाता है। कंप्यूटर वैज्ञानिक और उद्यमी साय दाते ने इसी जुनून को हकीकत में बदलते हुए मराठी फिल्म “टैंगो मल्हार” का निर्माण और निर्देशन किया है। हाल ही में फिल्म का पोस्टर सोशल मीडिया पर लॉन्च किया गया और यह फिल्म 19 सितंबर को पूरे महाराष्ट्र में प्रदर्शित होगी।

 

“टैंगो मल्हार” का निर्माण Aglets and Eyelets Production बैनर तले हुआ है। कहानी एक रिक्शा चालक मल्हार की है, जो कुछ नया करने का सपना देखता है। अचानक उसे अर्जेंटीना के मशहूर नृत्य “टैंगो” का पता चलता है और उसमें उसकी गहरी रुचि पैदा हो जाती है। इसके बाद उसके जीवन में जो बदलाव और रोमांचक घटनाएं होती हैं, उसी पर फिल्म की कहानी आधारित है।

 

फिल्म की कहानी साय दाते और मनीष धर्मानी ने लिखी है। सिनेमैटोग्राफी सुमेध तरडे और ओंकार आठवले ने, संपादन क्षमा पाडलकर ने, साउंड डिज़ाइन तुषार कांगारकर ने और संगीत शार्दूल बापट व उदयन कानडे ने दिया है। फिल्म में नितेश कांबले, कीर्ति विश्वनाथन, सीमा वर्तक, अक्षय गायकवाड, मनीष धर्मानी, मनीषा महालदार, संदेश सूर्यवंशी और पंकज सोनावणे जैसे नए कलाकार नजर आएंगे।

 

साय दाते ने अमेरिका के प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने 10 वर्षों तक टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम किया, जिसमें अमेरिका के सिलिकॉन वैली स्थित यूट्यूब में भी सेवा दी। भारत लौटकर उन्होंने पुणे में अपनी कंपनी स्थापित की और बिज़नेस उपलब्धियों के लिए फोर्ब्स की “30 अंडर 30” सूची में जगह पाई।

 

बचपन से ही साय को फिल्मों का शौक था। 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने “On the Other Line” नामक शॉर्ट फिल्म का निर्देशन किया, जिसे कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में सराहा गया। इसके अलावा, वह खुद एक प्रशिक्षित टैंगो डांसर भी हैं। टेक्नोलॉजी और बिज़नेस में सफलता पाने के साथ-साथ कला के प्रति उनके जुनून ने उन्हें “टैंगो मल्हार” के जरिए मराठी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए प्रेरित किया। इसमें कोई शक नहीं कि एक कंप्यूटर वैज्ञानिक और उद्यमी का यह सिनेमाई सफर दर्शकों के लिए बेहद उत्सुकता भरा होगा।

 

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