
विश्व विख्यात कवी अर्न्स्ट यांडल इनके १०० वी जयंती के अवसर पर पुणे में विशेष प्रदर्शन
पुणे : ग्योथं- इन्स्टिट्युट मॅक्स म्युलर भवन पुणे ने सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के जर्मन विभाग के सहयोग से जगप्रसिध्द कवी अर्न्स्ट यांडल इनके १०० वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनके जीवन और सफल कारकीर्द को मनाने के लिए एक विशेष प्रदर्शन का आयोजन किया है. यह प्रदर्शन १९ अगस्त से २२ अगस्त २०२५ के दौरान सुबह १० से शाम ७ बजे के दौरान कर्वे रोड, एरंडवणे के पांडुरंग कॉलनी के द बॉक्स स्टुडिओ में होने वाला है. सोमवार १८ अगस्त २०२५ को शाम ४ बजे ऑस्ट्रिया के लिटरेचर अर्काईव्ह व्हिएन्ना के संचालक डॉ. बर्नहार्ड फेट्झ इनके हाथों उद्घाटन किया जायेगा.
अर्न्स्ट यांडल यह ऑस्ट्रियन लेखक थे और जर्मन भाषिक दुनिया के काव्य आंदोलन में वह अग्रणी नाम है. उनकी प्रायोगिक कविताओं के लिए वह पहचाने जाते थे. उनके कविता लिखने की शैली ऐसी थी की, भाषा यह उद्देश्य और काव्य का विषय था, दृश्य काव्य जिसमे आशय का प्रतिनिधित्व करने वाला दृश्य केंद्रस्थानी था, ध्वनि स्वरूप में कविता जो केवल हमारे बोलने के बाद समझ आती है. उनके काव्य में ऐसी जादू और विविधता है. पुणे के लोगों के लिए यह प्रदर्शन मल्टीसेंसरी फॉरमॅट में और जर्मन के अलावा अंग्रेजी और मराठी में प्रदर्शित किया जायेगा.
ग्योथं- इन्स्टिट्युट मॅक्स म्युलर भवन के भाषा विभाग प्रमुख और उपसंचालिका आलिसिया पाद्रोस ने कहा की, यह प्रदर्शन यांडल इनके ध्वनि, रचना और जगह के अभूतपूर्व इस्तेमाल यह लोगों के सामने त्रिमितीय इन्स्टॉलेशन्स, साऊंडस्केप्स, व्हिज्युअल प्रोजेक्शन्स ऐसे मनोरंजक मिश्रन द्वारा लोगों के सामने प्रदर्शित किया जायेगा. जर्मन भाषा को परदेशी भाषा के रूप में प्रोत्साहन देने के और जर्मन भाषिक देशों के संस्कृती को अभिनव और आकर्षक तरीके से लोगों तक लाने के ग्योथं- इन्स्टिट्युट के प्रयासों का एक भाग है.
नागरिकों को अर्न्स्ट यांडल इनकी कल्पकता, सर्जनशीलता देखने के लिए, सुनने के लिए और अनुभव लेने के लिए यही एक मौका है. उनकी कविताएं इन पारंपरिक पढ़ने के तरीके को चुनौती देते है और दर्शकों के लिए भाषा का बहुस्तरित,बहुसंवेदी अनुभव प्रदान करता है.
डॉ.बर्नहार्ड फेट्झ यह अर्न्स्ट यांडल इस विषय पर दो कार्यशाला लेंगे जिसमें से एक प्राध्यापकों के लिए और एक छात्राओं के लिए होगी.


