
पुणे में यातायात सुधार को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, त्वरित उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवड़ तथा पुणे महानगर क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्या के समाधान के लिए विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले की अध्यक्षता में ‘पुणे एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण’ समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान यातायात जाम को कम करने के लिए तात्कालिक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए गए।
विभागीय आयुक्त ने कहा कि पुणे में प्रस्तावित सुरंग नेटवर्क (पाताल लोक परियोजना), उच्च क्षमता द्रुतगति मार्ग (एचसीएमटीआर) तथा आंतरिक रिंग रोड जैसी दीर्घकालिक परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) कंपनी के गठन को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन इनके पूर्ण होने में समय लगेगा। इसलिए वर्तमान यातायात ढांचे का अधिकतम उपयोग और उसकी क्षमता बढ़ाने पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने महानगरपालिका, पुलिस, रेलवे, महामेट्रो, पीएमपीएमएल, राज्य परिवहन निगम तथा परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों की एक उपसमिति गठित कर यातायात सुधार के लिए ठोस सुझाव तैयार करने के निर्देश दिए। उपसमिति की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। आयुक्त ने कहा कि मेट्रो और रेलवे सेवाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यात्रियों को अंतिम गंतव्य तक सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए बस सेवाओं और ऑटो-रिक्शा स्टैंड जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रावण हर्डीकर ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित सुरंगों में सार्वजनिक परिवहन वाहनों को भी प्रवेश की अनुमति दी जाए, जिससे यातायात की गति बढ़ेगी। वहीं पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के आयुक्त अभिजीत चौधरी ने कहा कि यातायात जाम वाले क्षेत्रों को परियोजनाओं में प्राथमिकता दी जानी चाहिए और सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वय से योजनाएं तैयार की जानी चाहिए।
बैठक में रेलवे विभाग ने जानकारी दी कि पुणे रेलवे स्टेशन पर छह नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे तथा वर्तमान छह प्लेटफॉर्मों की लंबाई भी बढ़ाई जाएगी। इससे रेल यातायात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और यातायात सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।


