
गणेशोत्सव निर्विघ्न और निर्भय माहौल में मनाने के लिए सभी को समन्वय से कार्य करना चाहिए – पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार
पुणे: इस वर्ष गणेशोत्सव को महाराष्ट्र शासन ने राज्योत्सव का दर्जा दिया है। पुणे का गणेशोत्सव वर्षों से विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्सव को शांति, समन्वय और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने किया।
शहर के समस्त गणपति मंडलों के अध्यक्षों की संयुक्त बैठक का आयोजन आज बाल गंधर्व रंग मंदिर में किया गया। बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, नगर आयुक्त नवल किशोर राम, पुलिस उपायुक्त रंजनकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त मनोज पाटील समेत गणेश मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
बैठक की शुरुआत मंडलों की समस्याओं और सुझावों को सुनने से हुई। इसके बाद संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि शासन ने गणेशोत्सव को राज्योत्सव का दर्जा दिया है, इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि उत्सव शांतिपूर्वक, निर्विघ्न और निर्भय वातावरण में मनाया जाए। उन्होंने मंडलों से अपील की कि किसी भी प्रकार का विवादित दृश्य या कार्यक्रम न करें, बारिश के कारण बिजली व्यवस्था में सावधानी बरतें और मंडपों में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएँ।
पुलिस विभाग द्वारा यातायात और भीड़ नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की जा रही है। immersion (विसर्जन) जुलूस से जुड़ी समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के साथ मिलकर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। पुलिस विभाग और प्रशासन हमेशा गणेश मंडलों की मदद के लिए तैयार है।
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने कहा कि गणेशोत्सव पुणे की पहचान है और इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। इस वर्ष शासन द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताएँ और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंडलों को उत्साहपूर्वक भाग लेना चाहिए। मंडलों को बिजली, यातायात और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए प्रभागनिहाय अधिकारी और कर्मचारी दल गठित किए गए हैं।
नगर आयुक्त नवल किशोर राम ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार नागरिकों और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने मंडलों से अपील की कि सामाजिक संदेश देने वाले झांकी और देखावे प्रस्तुत करें।



