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बिहार में वोट अधिकार यात्रा: राष्ट्र विरोधी राजनीति का नया खेल

बिहार में वोट अधिकार यात्रा: राष्ट्र विरोधी राजनीति का नया खेल

 

संपादकीय टीम विशाल समाचार 

बिहार, जो हमेशा से राजनीतिक रूप से मुखर, जागरूक और संवेदनशील रहा है, आज एक ऐसी गतिविधि का सामना कर रहा है, जिसे केवल विवाद और भ्रम फैलाने के उद्देश्य से गढ़ा गया है। कथित ‘वोट अधिकार यात्रा’ राज्य के मूल नागरिकों को भड़काने और उनकी भावनाओं के साथ खेलने के अलावा कुछ नहीं करती। यह यात्रा घुसपैठियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों को खुश करने का अवसर बन गई है। कांग्रेस, सपा और राजद जैसी पार्टियाँ इसी आधार पर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकती रही हैं।

परिवारवादी राजनीति के ‘नए दौर’ में सपा के बहादुर श्री अखिलेश यादव, कांग्रेस के पंजा बहादुर श्री राहुल गांधी और राजद के लालटेन के लाल श्री तेजस्वी यादव यह समझते हैं कि वे इन विध्वंसक तत्वों के सबसे बड़े ‘लंबरदार’ हैं। यही अहंकार इस यात्रा के दौरान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गीय माताजी के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों का कारण बना।

यह साफ़ है कि ये दल केवल सत्ता की भूख में देश और समाज की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। बिहार के लोग जानते हैं कि राष्ट्र विरोधी तत्वों को बढ़ावा देना, जनता के मूल अधिकारों और सम्मान के खिलाफ काम करना है। लेकिन इन दलों ने इसे अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का साधन बना लिया।

वास्तव में, वोट अधिकार यात्रा सिर्फ़ एक बहाना है। इसका असली मकसद उन घुसपैठियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों को खुश करना है, जिनके सहारे ये परिवारवादी पार्टियाँ अपनी राजनीति संचालित करती रही हैं। यह यात्रा यह संदेश देने का प्रयास करती है कि बिहार की जनता को भ्रमित किया जा सकता है। लेकिन बिहार की जनता इतनी सजग और जागरूक है कि वह इस प्रकार की राजनीति का तुरंत विरोध करेगी।

इस यात्रा के दौरान हुई अपमानजनक टिप्पणियाँ, विशेषकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गीय माताजी के प्रति, यह साफ़ संकेत हैं कि ये दल केवल व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। लेकिन बिहार की जनता अपने सम्मान और राष्ट्रभक्ति के प्रति सजग है। ऐसे तत्वों को कोई भी भूलभुलैया में नहीं भटका सकता।

स्लोगन की तरह कहना होगा:

“बिहार जागा है, राष्ट्र विरोधी सोचा नहीं!”

“अपने अधिकार, अपने सम्मान, अपने वोट – ये हमारी ताकत है!”

“जो देश और जनता को तोड़ना चाहे, उसका जवाब मिलेगा!”

विशाल समाचार की दृष्टि से यह स्पष्ट है कि बिहार की जनता अब सजग, जागरूक और निर्णायक है। वोट अधिकार यात्रा जैसी गतिविधियाँ, जो केवल राजनीतिक चाल हैं, जनता के विवेक और सजगता के सामने असफल होंगी।

समापन में कहा जा सकता है कि बिहार की जनता ने हमेशा अपने अधिकारों, अपने सम्मान और राष्ट्रभक्ति की रक्षा की है। किसी भी परिवारवादी राजनीतिक दल या राष्ट्र विरोधी तत्वों को यह समझना होगा कि अब जनता सजग है और उसका निर्णय कठोर होगा। वोट अधिकार यात्रा जैसी घटनाएँ केवल उन दलों की राजनीतिक कमजोरी और असफल रणनीति को उजागर करती हैं।

 

अंतिम चेतावनी: बिहार की जागरूक जनता अब केवल देखने वाली नहीं है, वह कार्रवाई में है। आने वाले विधानसभा चुनाव में यह जनता न केवल अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करेगी, बल्कि उन तत्वों को सबक भी सिखाएगी, जो अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र और जनता के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं

 

 

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