मेंदूशी मैत्री विषय पर विक्रमी ४२२वां व्याख्यान — डॉ. श्रुती पानसे होंगी मुख्य वक्ता
पुणे, डी एस तोमर: दलित स्वयंसेवक संघ और अण्णा भाऊ साठे स्मारक संस्था की ओर से आयोजित विक्रमी व्याख्यानमाला के तहत ४२२वां व्याख्यान रविवार, ७ सितम्बर २०२५ को सायं ५ बजे होगा। इस अवसर पर प्रमुख वक्ता के रूप में शिक्षणतज्ञ, लेखिका और शोधकर्ता डॉ. श्रुती पानसे “मेंदूशी मैत्री” विषय पर विचार व्यक्त करेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मा. दादासाहेब सोनवणे करेंगे। यह व्याख्यान साहित्यरत्न अण्णा भाऊ साठे ग्रंथालय, के ब्लॉक, नेहरू स्टेडियम, सारसबाग, पुणे में आयोजित होगा।
कार्यक्रम के निमंत्रक संतोष माने, शहराध्यक्ष दलित स्वयंसेवक संघ, पुणे शहर ने नागरिकों से इस प्रेरणादायी व्याख्यानमाले में सहभागी होने की अपील की है।
गौरतलब है कि संघ और संस्था की ओर से पिछले कई वर्षों से प्रत्येक महीने के पहले रविवार को यह व्याख्यानमाला आयोजित की जाती है। विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज अभ्यासक और विशेषज्ञों को सुनने व उनसे संवाद साधने का अवसर इस उपक्रम के माध्यम से मिलता है।
डॉ. श्रुती पानसे पुणे की प्रख्यात शिक्षणतज्ञ, लेखिका और शोधकर्ता हैं। उनका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से बालविकास, पालकत्व और मेंदू की कार्यप्रणाली से जुड़ा है। उन्होंने बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें पहिली आठ वर्षे, परीक्षेसाठी… परीक्षेआधी और बहरंगी बुद्धिमत्ता जैसी पुस्तकें विशेष रूप से चर्चित हैं। वे लोकसत्ता और चिकुपिकु जैसे मराठी माध्यमों में नियमित लेख लिखती हैं और यूट्यूब व अन्य माध्यमों से भी मार्गदर्शन देती हैं।
संविधान प्रचारक संदीप बर्वे (मोबाइल : ९८६०३८७८२७) ने जानकारी दी कि इस व्याख्यानमाला में डॉ. पानसे के विचार समाज को बालशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक पारिवारिक वातावरण की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रेरणा देंगे।



