पूणे

सीएफए इंस्टिट्यूट ने पुणे में फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क राउंडटेबल का आयोजन किया, शिक्षा–उद्योग साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित*

सीएफए इंस्टिट्यूट ने पुणे में फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क राउंडटेबल का आयोजन किया, शिक्षा–उद्योग साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित*

पुणे:  निवेश पेशेवरों का वैश्विक संगठन सीएफए इंस्टिट्यूट ने आज पुणे में अपने फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क राउंडटेबल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को एक साथ लाया गया, ताकि यह चर्चा की जा सके कि फाइनेंस एजुकेशन को इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री की तेजी से बदलती जरूरतों के साथ बेहतर तरीके से कैसे जोड़ा जा सकता है।

इस फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क राउंडटेबल ने शैक्षणिक संस्थाओं और उद्योग के विशेषज्ञों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक खुला मंच प्रदान किया, जिसमें कौशल अंतर को कम करने, छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योग– शिक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की गई। चर्चा में वित्तीय क्षेत्र में उभरते रुझानों, छात्रों को वैश्विक स्तर का ज्ञान देने में सीएफए प्रोग्राम ® की भूमिका, और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट क्षेत्र में सफल करियर के लिए नई पीढ़ी के फाइनेंस प्रोफेशनल्स को तैयार करने के अवसरों पर भी ध्यान दिया गया।

सीएफए इंस्टिट्यूट की ओर से बोलते हुए सैम फकीह, सीनियर यूनिवर्सिटी रिलेशन स्पेशलिस्ट, ने कहा:

“सीएफए इंस्टिट्यूट में हमारा मानना है कि शिक्षक फाइनेंस क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुणे में फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क सत्र का आयोजन करते हुए हमें खुशी हो रही है, जिसमें प्रतिष्ठित प्राध्यापकों को एक साथ लाया गया और शैक्षणिक ज्ञान को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने के हमारे मिशन को और मजबूत किया गया। इससे छात्रों को व्यावहारिक, वैश्विक स्तर के और वास्तविक दुनिया से जुड़े मार्गदर्शन मिल सकते हैं।”

कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. अर्चना सिंह, एचओडी – फाइनेंस, डॉ. डी. वाय. पाटिल बी-स्कूल, ने कहा:

“इस राउंडटेबल ने वर्तमान उद्योग की गतिविधियों और भविष्य के फाइनेंस प्रोफेशनल्स से जुड़ी बदलती अपेक्षाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। डॉ. डी. वाय. पाटिल बी-स्कूल, डीवाईपी डीपीयू में हमें सीएफए इंस्टिट्यूट के साथ हमारे रणनीतिक सहयोग पर गर्व है, जिसके माध्यम से हमारे छात्र पहले से ही सर्वोत्तम वैश्विक पद्धति और उच्च पेशेवर मानकों को सीखने का अवसर मिल रहा है। ऐसे कार्यक्रम शैक्षणिक संस्थाओं और उद्योग के बीच संबंधों को और मजबूत करते हैं, और हम इस तरह के सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि हमारे छात्र वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा में सफलता प्राप्त कर सकें।”

सीए बिपिन पलांडे, एसोसिएट डीन – अकादमिक्स, एमआईटी डब्ल्यूपीयू स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स, ने कहा:“सीएफए इंस्टिट्यूट के साथ फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क राउंडटेबल में भाग लेना एक शानदार अनुभव रहा। इन चर्चाओं ने न केवल सीएफए® चार्टर के सफर की जानकारी दी, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री कैसे विकसित हो रहा है। छात्रों के सवालों का जवाब देना और प्राध्यापकों केदृष्टिकोण से सीएफए प्रोग्राम को समझना इस सत्र को बहुत उपयोगी बनाता है। ऐसे और कार्यक्रम सीएफए इंस्टिट्यूट, उद्योग, शैक्षणिक संस्थाओं और छात्रों सभी के लिए नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करेंगे। एमआईटी डब्ल्यूपीयू स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स इस पहल का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करता है।”

भारत के वित्तीय कौशल को विकसित करने में वैश्विक मानकों की भूमिका पर जोर देते हुए, डॉ. मंजू चोपड़ा, हेड – स्कूल ऑफ बिज़नेस एंड मैनेजमेंट, डायरेक्टर एडमिशन्स, डीईएस पुणे यूनिवर्सिटी, ने कहा:

“सीएफए प्रोग्राम, जो इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और वैश्विक मानकों पर केंद्रित व्यापक पाठ्यक्रम प्रदान करता है, शैक्षणिक संस्थाओं और उद्योग दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह एक मानकीकृत ढांचा प्रदान करता है जो पेशेवर कौशल और ज्ञान को बढ़ाता है। शिक्षा और व्यावसायिक अभ्यास के बीच यह समन्वय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक फाइनेंस कर्मचारियों तैयार करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सीएफए इंस्टिट्यूट के साथ इस महत्वपूर्ण चर्चा में भाग लेकर हमें खुशी हुई है ।”

इस राउंडटेबल में कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. अर्चना सिंह और श्री. स्वप्निल गोरडे (डॉ. डी. वाय. पाटिल बी-स्कूल); शगुन ठुकराल, सीएफए (ग्लोबल बिजनेस स्कूल एंड रिसर्च सेंटर); सीए बिपिन पलांडे (एमआईटी डब्ल्यूपीयू); डॉ. मंजू चोपड़ा, सीएफए (डीईएस पुणे यूनिवर्सिटी); डॉ. के. एस. रेड्डी (गोखले इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकॉनॉमिक्स); डॉ. श्रियांग चौधरी और डॉ. रितेश खतवानी (सिंबायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट); डॉ. करिश्मा छाब्लानी (इंदिरा यूनिवर्सिटी); डॉ. दीपाशा शर्मा (सिंबायोसिस सेंटर फॉर मैनेजमेंट एंड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट); सीए अंकित बजाज (आईफील); डॉ. यशोधन महाजन (बीएमसीसी); डॉ. सीए शिल्पा भिड़े (पुंबा – मैनेजमेंट साइंसेज विभाग, एसपीपीयू); डॉ. अभिजीत बिरारी (क्राइस्ट डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, पुणे लवासा कैंपस); श्री. कणाद देशमुख (सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी); और डॉ. अनुराधा यसुगडे (आईएमईडी, भारती विद्यापीठ- डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) शामिल थे।

राउंडटेबल का समापन एक संवादात्मक नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को सहयोग के नए अवसर खोजने, छात्रों के लिए मार्गदर्शन और मेंटरशिप के अवसर पैदा करने, और भारत में फाइनेंस एजुकेशन को आगे बढ़ाने के लिए विचार साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त सीएफए प्रोग्राम® उम्मीदवारों को निवेश के मूलभूत सिद्धांत, उन्नत पोर्टफोलियो मैनेजमेंट तकनीक और नैतिक निर्णय लेने के कौशल प्रदान करता है, जिसे नियोक्ता अत्यधिक महत्व देते हैं। फाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क राउंडटेबल जैसी पहलों के माध्यम से सीएफए इंस्टिट्यूट भारत भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहा है, ताकि आने वाली नई पीढ़ी के वित्त पेशेवर वैश्विक अवसरों और चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

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