
‘रंगानुभूति’ महोत्सव के माध्यम से पिंपरी चिंचवड़ को सांस्कृतिक पंढरी के रूप में पहचान मिल रही – उपमुख्यमंत्री अजित पवार
ग.दि. माडगूळकर नाट्यगृह में ‘रंगानुभूति : पूर्वरंग से उत्तररंग’ महोत्सव का उद्घाटन, महाराष्ट्र और विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लिया भाग
पुणे, मोहन सिंह तोमर
पिंपरी चिंचवड़ शहर को सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक पहचान दिलाने में ‘रंगानुभूति : पूर्वरंग से उत्तररंग’ महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका शहर की सांस्कृतिक प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दे रही है, ऐसा महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने कहा।
पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका, थिएटर वर्कशॉप कंपनी और पैस कल्चरल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘रंगानुभूति : पूर्वरंग से उत्तररंग’ प्रयोगकला महोत्सव 2025 का आयोजन निगड़ी स्थित ग.दि. माडगूळकर नाट्यगृह में किया गया। इस महोत्सव का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के शुभहस्ते हुआ।
इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे, महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य एडवोकेट गोरक्ष लोखंडे, पिंपरी चिंचवड़ महापालिका आयुक्त शेखर सिंह, माजी उपमहापौर राजू मिसाळ, महापालिका अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप जांभळे पाटील सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी, कलाकार और दर्शक उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सांस्कृतिक क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली संस्थाओं का सम्मान किया। इसमें टेल्को कलासागर – टाटा मोटर्स पुणे, कलापिनी तळेगांव दाभाडे, अखिल भारतीय मराठी नाट्य परिषद पिंपरी चिंचवड़, नादब्रह्म संस्था, अथर्व थिएटर्स, दिशा फाउंडेशन, संस्कार भारती, नाटक घर, द बॉक्स, नाटक कंपनी आसक्त पुणे और महाराष्ट्र कल्चर सेंटर (एमसीसी) आदि संस्थाएं शामिल हैं।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि ‘रंगानुभूति’ महोत्सव पिंपरी चिंचवड़ शहर की सांस्कृतिक चळवळी को मजबूती प्रदान करता है। इस महोत्सव में महाराष्ट्र के अलावा राजस्थान, केरल और उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने भाग लिया। महोत्सव के माध्यम से शहरवासियों को उत्कृष्ट सांस्कृतिक अनुभव मिलता है। ग.दि. माडगूळकर नाट्यगृह में यह आयोजन होने से कार्यक्रम का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व बढ़ जाता है।
अजित पवार ने आगे कहा कि पिंपरी चिंचवड़ शहर अब केवल औद्योगिक शहर के रूप में नहीं बल्कि सांस्कृतिक क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। यहां कई कलाकार, निर्देशक, लेखक, साहित्यकार और कवि उत्पन्न हो रहे हैं। मराठी भाषा और नाट्य के महत्व को भी उन्होंने रेखांकित किया और कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी नाट्यगृहों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने का प्रयास कर रही है।
महापालिका आयुक्त शेखर सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि यह महोत्सव नागरिकों को गुणवत्ता कलानुभव देने, नवोदित और नामांकित कलाकारों को मंच प्रदान करने और सांस्कृतिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का संचालन तेजस्विनी गांधी और मिलिंद बावा ने किया।
चित्र प्रदर्शन का भी आयोजन:
‘रंगानुभूति’ महोत्सव के अवसर पर ग.दि. माडगूळकर नाट्यगृह में पिंपरी चिंचवड़ शहर के सांस्कृतिक विकास को दर्शाती चित्रकला और अन्य उत्कृष्ट कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने प्रदर्शन में शामिल कलाकारों की सराहना की और नवकलाकारों को प्रोत्साहित किया।



