
इंदापूर तालुका में सेवा पंधरवडा उपक्रम के तहत शेतरास्तों का सिमांकन युद्धपातळी पर जारी
पुणे, सोहन सिंह :
सेवा पंधरवडा उपक्रम के तहत इंदापूर तालुका में शेतकर्मियों की सुविधा के लिए 15 गांवों में शेत, पाणंद और शिव रस्तों का सिमांकन युद्धपातळी पर चल रहा है। इस बाबत तहसीलदार जीवन बनसोडे ने जानकारी दी।
सिमांकन कार्यवाही निम्नलिखित 15 गांवों में जारी है:
थोरातवाडी (रुई), भोडणी, व्याहळी, कपरवाडी (वा), सरडेवाडी, गलांडवाडी नं. 2, गोखळी, म्हसोबाचीवाडी, जंक्शन, डाळज नं.1, जाधववाडी, तावशी, अगोती नं.1, वकीलवस्ती और करेवाडी।
पहले पांच दिनों में शिवारफेरी के माध्यम से ग्राम नकाशों पर मौजूद और गैर-मौजूद रस्तों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसमें मंडळ अधिकारी, ग्राम महसूल अधिकारी, सरपंच, ग्रामसेवक, मोजणी विभाग के कर्मचारी और पोलीस पाटील सहयोग करेंगे। 17 सितंबर को आयोजित विशेष ग्रामसभा में रस्तों की प्राथमिक सूची तैयार कर मान्यता दी गई और आवश्यक ठराव पारित किए गए।
ग्रामसभा के निर्णयानुसार 156 पाणंद रस्तों के लिए ग्रामस्तरीय प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो सिमांकन हेतु उप अधीक्षक भूमी अभिलेख को भेजे गए हैं। भूमी अभिलेख विभाग के माध्यम से इन रस्तों के सिमांकन और मोजणी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। जल्द ही सभी रस्तों को विशिष्ट सांकेतिक क्रमांक प्रदान किया जाएगा।
उपविभागीय अधिकारी वैभव नावडकर ने बताया कि शेतकर्मियों के लिए शेतरास्ते अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे वे समय पर शेत में पहुँच सकेंगे, कृषि सामग्री ले-जा सकेंगे और उत्पादन समय पर बाजार तक पहुँच पाएगा। पहले तैयार किए गए मुळ जमाबंदी और गट नकाशों में रस्ते दिखाए गए थे, लेकिन बाद में नए रस्तों की नोंद न होने के कारण अतिक्रमण और अन्य समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं।
सेवा पंधरवडा उपक्रम छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन) से 2 अक्टूबर (राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती) तक चलाया जा रहा है। इस उपक्रम से शेतरास्तों के अधिकार अभिलेख अद्यतन होंगे और संबंधित समस्याओं का निराकरण होगा। नागरिकों से इस योजना का लाभ लेने का आवाहन किया गया है।



