
मुख्यमंत्री का ‘वह’ फैसला स्वागतयोग्य — डॉ. हुलगेश चलवादी
महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का समर्थन
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
लैंगिक शोषण जैसे घृणित अपराधों में शामिल आरोपियों को संचित अवकाश यानी ‘पैरोल’ नहीं दिए जाने संबंधी मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis द्वारा मंत्रिमंडल बैठक में दिए गए निर्देशों का रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रदेश उपाध्यक्ष Dr. Hulgesh Chalwadi ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक सुरक्षा और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण और साहसिक कदम है।
डॉ. चलवादी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि कई बार लैंगिक अपराधों में आरोपी पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद दोबारा उसी प्रकार के अपराधों को अंजाम देते हैं। ऐसे अपराधी समाज के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में कठोर नीति अपनाना समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2019 के दौरान जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तब भी ऐसे अपराधियों को पैरोल न देने का कानून लागू किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह न्यायालय में टिक नहीं पाया। अब एक बार फिर मुख्यमंत्री द्वारा विधि एवं न्याय विभाग को इसी प्रकार का सख्त कानून बनाने के निर्देश देना उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


