सीतामढ़ी

जनहित में अब नए स्वरूप में होगा ‘जनता दरबार’ का आयोजन

जनहित में अब नए स्वरूप में होगा ‘जनता दरबार’ का आयोजन

सीतामढी |विशाल समाचार 

सीतामढ़ी जिले में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनता दरबार कार्यक्रम को अब नए स्वरूप में प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा।

इस नए प्रारूप के अंतर्गत –

जनता दरबार के दिन प्रखंड, अंचल, अनुमंडल स्तरीय एवं जिला स्तरीय सभी विभागों के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।

इसका उद्देश्य है कि परिवादियों के आवेदन पर उसी समय त्वरित कार्रवाई और ऑन द स्पॉट निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

शीघ्र ही जनता दरबार एप भी विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से आवेदक अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

आज आयोजित जनता दरबार में 123 परिवादी उपस्थित हुए और अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमसम्मत और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

आज की सुनवाई में प्राप्त शिकायतें मुख्य रूप से –

भूमि विवाद, अर्जित भूमि का मुआवज़ा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विकलांगता पेंशन, अतिक्रमण, भूमि मापी, वृद्धा पेंशन, नल-जल योजना, नाली निर्माण, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, छात्र क्रेडिट कार्ड, दिव्यांगों के लिए UDID कार्ड, परिमार्जन के मामले आदि से संबंधित रहीं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जन शिकायतों का निष्पादन पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ किया जाए तथा किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

लोक शिकायत निवारण अधिनियम की द्वितीय अपील की सुनवाई जनता दरबार के साथ-साथ आज जिलाधिकारी द्वारा लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत द्वितीय अपील की भी सुनवाई की गई। इस क्रम में 11 मामलों पर सुनवाई हुई, जिनमें 04 मामलों पर आदेश पारित किए गए।

सुनवाई के दौरान बैरगनिया थाना प्रभारी के अनुपस्थित रहने और प्रतिवेदन प्रस्तुत न करने पर उन पर ₹5000 का आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया।

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि –

“जनता दरबार केवल शिकायतों के निवारण का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। इसके नए स्वरूप से न केवल शिकायतों का समाधान और तेज होगा, बल्कि पारदर्शिता व जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी।”

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