पूणे

किसानों के ‘गीले’ घावों पर सरकार को ममता की मरहम लगानी चाहिए! : डॉ हुलगेश चलवादी

किसानों के ‘गीले’ घावों पर सरकार को ममता की मरहम लगानी चाहिए! : डॉ हुलगेश चलवादी

ओला आपदा घोषित करो; डॉ. हुलगेश चलवादी की मांग

अन्नदाता को आर्थिक सहारा देने का सरकार से आह्वान

पुणे: राज्य में हुई मूसलधार बारिश के कारण किसानों की हाथों की उपज अक्षरशः बह गई है। मुँह तक आया हुआ ग्रास आसमानी संकट ने एक ही दिन में छीन लिया। किसानों के इन ‘गीले’ घावों पर सरकार को ममता की मरहम लगानी चाहिए — ऐसी मांग बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव, पश्चिम महाराष्ट्र ज़ोन के मुख्य प्रभारी और पूर्व नगरसेवक डॉ. हुलगेश चलवादी ने शनिवार (दि. 27) को की है।

 

राज्य के जिन जिलों में मूसलधार और बादलफट जैसी वर्षा हुई है, वहाँ ओला आपदा घोषित करते हुए किसानों को प्रति हेक्टेयर 5 से 10 लाख रुपये तक की मदद दी जाए, ऐसी मांग डॉ. चलवादी ने की है।

 

सोलापुर, बीड़, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, धाराशिव, हिंगोली और अहिल्यानगर जिलों में मूसलधार बारिश से खेतों की फसलें, कृषि भूमि, कुएँ, पाइपलाइन, बंधारे, गाँव तालाब और पाझर तालाब को भारी नुकसान पहुँचा है। अनेक किसानों की जमीनें पूरी तरह उजड़ गई हैं। नदियों के किनारे की खेती को सबसे अधिक फटका लगा है।

 

खरीफ हंगाम की सोयाबीन, मूंग, उड़द, मक्का, फल बागान और गन्ने जैसी सारी फसलें नष्ट हो गई हैं। ऐसे में सरकार यदि किसी भी तरह के मापदंड लागू करती है तो वह किसानों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा होगा। फडणवीस सरकार को तत्काल ओला आपदा घोषित कर प्रति एकड़ न्यूनतम 50 हजार रुपये मुआवज़ा देना चाहिए, ऐसी मांग डॉ. चलवादी ने की है।

 

नुकसानग्रस्त किसानों को राहत किट वितरित करते समय कुछ नेताओं ने अपना प्रचार किया। यह प्रकार निंदनीय है और गरीब किसानों का मज़ाक उड़ाने जैसा है। इस पर खेद व्यक्त करते हुए डॉ. चलवादी ने कहा कि आसमानी संकट में फँसे किसानों के मुद्दे पर राजनीति करना अनुचित है और इस तरह की राजनीति न करने का आह्वान उन्होंने राजनीतिक नेताओं से किया।

 

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