
गंभीर बीमारियों पर अब गोवा में भी होगा आयुर्वेदिक इलाज
पुणे के रसायू कैंसर क्लिनिक और गोवा के गोमंतक आयुर्वेद महाविद्यालय के बीच समझौता
पुणे/शिरोदा (गोवा): पुणे की चिकित्सीय दृष्टि और गोवा की औषधीय परंपरा अब एक सूत्र में जुड़ने जा रही है। कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों पर अब गोवा में भी अत्याधुनिक आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध होंगे। हाल ही में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पुणे स्थित रसायू कैंसर क्लिनिक, शिरोदा (गोवा) के गोमंतक आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र तथा कामाक्षी आरोग्यधाम के बीच उपचार और अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया गया।
इस समझौते के जरिए आयुर्वेद के माध्यम से कैंसर जैसी दीर्घकालिक और गंभीर बीमारियों का इलाज और शिक्षा और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ेगी। इस मौके पर कामाक्षी आरोग्यधाम में कैंसर और गंभीर बीमारियों के लिए विशेष बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में रसायू लाइफसाइंसेस के प्रबंध निदेशक डॉ. योगेश बेंडाले, उनकी पत्नी डॉ. विनीता बेंडाले, गोवा के पर्यटन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रोहन खंवटे, जल संसाधन एवं सहकारिता मंत्री सुभाष शिरोडकर, गोवा काउंसिल ऑफ आयुर्वेद की अध्यक्ष डॉ. स्नेहा भागवत, भारतीय संस्कृत प्रबोधिनी के अध्यक्ष एडवोकेट नरेंद्र सवाइकर और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. निलेश कोरडे समेत कई मान्यवर उपस्थित रहे।
डॉ. योगेश बेंडाले ने कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत की विशेष पहल से गोवा में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञों को एक ही मंच पर रोगी-केंद्रित इलाज देने की व्यवस्था संभव हुई है। उनकी दूरदृष्टि से गोवा के असंख्य कैंसर मरीजों को दोनों चिकित्सा पद्धतियों का लाभ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हुआ है। इसके लिए टाटा मेमोरियल के डॉक्टरों द्वारा किए गए प्रयास उल्लेखनीय हैं।”
गोवा में ही जांच और इलाज की सुविधा
पिछले 25 वर्षों से रसायू आयुर्वेद क्लिनिक गंभीर और दीर्घकालिक बीमारियों पर आयुर्वेदिक उपचार प्रदान कर रहा है। इस समझौते के बाद गोवा के नागरिकों को अत्याधुनिक और अनुसंधानाधारित चिकित्सा पद्धतियों का लाभ यहीं पर मिलेगा। रसायू के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर नियमित रूप से गोवा आकर मरीजों की जांच और उपचार करेंगे। साथ ही, गोवा के आयुर्वेद विद्यार्थी और वैद्य अब विशेषज्ञ डॉक्टरों के मार्गदर्शन में प्रत्यक्ष व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल से मरीजों को आधुनिक और आयुर्वेद दोनों पद्धतियों का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।
“गोवा में हुए इस नए सहयोग से आयुर्वेद के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर और भी अधिक प्रभावी और अनुसंधानाधारित इलाज संभव होगा। रसायू के लंबे अनुभव और गोवा की समृद्ध औषधीय परंपरा का संगम मरीजों के लिए नई आशा लेकर आएगा। साथ ही आयुर्वेद विद्यार्थियों और वैद्यों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण का अवसर मिलना भी एक महत्वपूर्ण कदम है।” -डॉ. योगेश बेंडाले, मैनेजिंग डायरेक्टर, रसायुला इफसायन्सेस

