
क्लस्टर पद्धति से निर्धारित फसलों की खेती को गति दी जाए – जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी
Reported by Vishal Sharmachar Web Desk |Pune Bureau
पुणे: जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने निर्देश दिए कि जिले में समूह पद्धति (क्लस्टर मॉडल) के अंतर्गत निर्धारित की गई 10 प्रमुख फसलों की खेती को और अधिक गति दी जाए। साथ ही, इन फसलों के उत्पादन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) तकनीक का उपयोग संभव है या नहीं, इसकी व्यवहार्यता की जांच की जाए।
जिलाधिकारी डूडी की अध्यक्षता में कृषि समृद्धि योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में “दिशा कृषि उन्नति” के तहत मुख्य उद्देश्यों, प्रमुख 10 फसलों पर विशेष ध्यान, 10 प्रतिशत जिला स्तरीय निधि से प्रस्तावित योजनाएँ तथा योजना की 80 प्रतिशत निधि उपयोगिता आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में उप संचालक (कृषि) दत्तात्रय गावसाने, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संजय काचोळे, आत्मा परियोजना संचालक सूरज मडके, कृषि महाविद्यालय के सहायक अधिष्ठाता डॉ. महानंद माने, जिला उप–निबंधक प्रकाश जगताप, जिला कृषि अधिकारी एस.जे. पवार, सभी उपविभागीय कृषि अधिकारी, तालुका कृषि अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रतिनिधि, कृषि विभाग के वैज्ञानिक तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान श्री संजय काचोळे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रमुख दस फसलों हेतु प्रस्तावित उपाय योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें —
निर्यातक्षम केलों का उत्पादन एवं प्रसंस्करण, अंजीर से मूल्यवर्धित उत्पाद निर्माण, निर्यात योग्य आम एवं स्ट्रॉबेरी उत्पादन, करडई व सूरजमुखी तेलबिया प्रसंस्करण, गन्ना उत्पादकता में स्थिरता, ज्वार उत्पादन में स्थिरता एवं प्रसंस्कृत उत्पाद निर्माण, शहरी क्षेत्रों में सब्ज़ी आपूर्ति को प्रोत्साहन, धान एवं सोयाबीन उत्पादकता वृद्धि तथा उनके प्रसंस्करण को गति देने जैसे मुद्दे शामिल थे।
जिलाधिकारी डूडी ने बताया कि आम और केले की बागवानी में किसानों की विशेष रुचि देखी जा रही है। कृषि विभाग को चाहिए कि किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग देकर इस रुझान को और सशक्त करे। उन्होंने कहा कि किसानों को फलों के निर्यात के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए ताकि जिले में निर्यात योग्य फल–क्लस्टर विकसित हो सकें।
डूडी ने कहा कि निधि की कमी होने पर शासन से अतिरिक्त निधि स्वीकृत कराई जाएगी। आम की खेती को ध्यान में रखते हुए जिले में उत्कृष्ट आम–क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। साथ ही, करडई एवं सूरजमुखी के बीज संबंधी समस्या का समाधान संबंधित कंपनियों से समन्वय कर तत्काल किया जाए।
बैठक में कृषि समृद्धि योजना के अंतर्गत “दिशा कृषि उन्नति” से संबंधित मुख्य उद्देश्यों, प्रमुख 10 फसलों पर बल, तथा निधि नियोजन की प्रगति का विस्तृत आढावा लिया गया।
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