
मानव–तेंदुआ संघर्ष कम करने के निर्देश — उपमुख्यमंत्री अजित पवार
पुणे,राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे जिले में बढ़ते मानव–तेंदुआ संघर्ष पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तात्कालिक और स्थायी उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुणे जिले के जुन्नर, शिरुर, आंबेगांव, खेड और दौंड तालुकों में किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति, सौर कुंपण, सायरन पोल और रेस्क्यू सेंटर जैसी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएंगी।
पुणे विधान भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सांसद अमोल कोल्हे, विधायक दिलीप वळसे पाटील, बापू पठारे, शरद सोनवणे, बाबाजी काळे, ज्ञानेश्वर कटके, माजी सांसद आढळराव पाटील, माजी विधायक अतुल बेनके, विभागीय आयुक्त चंद्रकांत पुलकुंडवार, जिल्हाधिकारी जितेंद्र डुडी, वनसंरक्षक आशीष ठाकरे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पिछले पाँच वर्षों में तेंदुए के हमलों में 21 नागरिकों की मौत, 52 लोग घायल और करीब 18 हजार पालतू पशु मारे गए हैं। इन घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है। उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि प्रभावित तालुकों के किसानों को 31 अक्टूबर 2025 से दिन में बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी। संवेदनशील गाँवों के किसानों को 100 प्रतिशत अनुदानित सौर कुंपण उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया है।
वन विभाग को आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार कर जिला नियोजन समिति को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तेंदुओं की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नसबंदी और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। तेंदुओं को पकड़ने के लिए दो करोड़ रुपये का निधि मंजूर किया गया है।
शिरुर में 200 तेंदुओं की क्षमता वाला नया रेस्क्यू सेंटर शुरू करने पर भी चर्चा हुई है, जिसके लिए केंद्र सरकार से सकारात्मक संकेत मिले हैं। तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों में एआई आधारित 50 नई यूनिट्स लगाई जाएंगी ताकि तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों के मेंढपाळों को तंबू और सौर लाइट उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया है।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि मानव–तेंदुआ संघर्ष पर नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और ग्राम स्तर पर जनजागृति अभियान चलाएँ। इस अभियान के लिए सेवानिवृत्त वन अधिकारी अशोक खडसे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

