
मानवता का धर्म निभाना ज़रूरी – विधायक सिद्धार्थ शिरोळे
पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर की ओर से बाढ़ग्रस्त किसानों के लिए दो कंटेनर राहत सामग्री रवाना
पुणे: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हाल ही में हुई अतिवृष्टि के कारण किसानों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में दिवाली जैसे त्यौहार के अवसर पर हमें उनके दुख को समझते हुए संवेदना व्यक्त करना ज़रूरी है। यही मानवता का धर्म है और उसे निभाना आवश्यक है — ऐसा मत विधायक सिद्धार्थ शिरोळे ने व्यक्त किया।
पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश संगठन सचिव परशुराम वाडेकर की ओर से सोलापुर और मराठवाड़ा के बाढ़ग्रस्त किसानों के लिए अन्नधान्य व शैक्षणिक सामग्री से भरे दो कंटेनर विधायक शिरोळे के हस्ते रवाना किए गए। इस अवसर पर वे बोल रहे थे।
इस मौके पर सुनीता वाडेकर, परशुराम वाडेकर, शिक्षण मंडल के पूर्व सदस्य अमित मुरकुटे, रिपब्लिकन पार्टी के शिवाजीनगर विधानसभा अध्यक्ष अविनाश कदम, पूर्व नगरसेवक संभाजी शिंदे, आनंद छाजेड, सामाजिक कार्यकर्ता शहाबुद्दीन काज़ी, जुबैर पिरजादे, रमेश नाईक समेत बड़ी संख्या में रिपाइं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विधायक सिद्धार्थ शिरोळे ने आगे कहा कि सुनीता वाडेकर ने उपमहापौर पद पर रहते हुए जिस समर्पण से कार्य किया, उसी निष्ठा से वे आज भी समाजसेवा कर रही हैं। हर वर्ष वे रिक्शाचालक और सफाई कर्मचारियों के साथ दिवाली मनाती हैं। इस बार उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए मराठवाड़ा और सोलापुर के बाढ़ग्रस्त किसानों को अन्नधान्य और शैक्षणिक सामग्री की मदद भेजी है, जो अत्यंत सराहनीय है।
परशुराम वाडेकर ने कहा कि हाल की अतिवृष्टि से प्रभावित मराठवाड़ा और सोलापुर के किसानों के लिए हम दो कंटेनर राहत सामग्री भेज रहे हैं। हमें आशा है कि यह मदद उनके लिए दिवाली की मिठास लेकर आएगी। सच्चे अर्थों में यह प्रयास उनके साथ हमारी संवेदना प्रकट करने का प्रतीक है।
इस अवसर पर, हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्वभूषण डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिति, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), पुणे की ओर से रिक्शाचालक, आरोग्यकर्मी और सफाईकर्मियों के लिए दीवाली स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया।



