ड्यूटी पर शराब पीने वाले कर्मचारियों को एसटी में जगह नहीं — परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक
मद्यपान कर ड्यूटी निभाने वाले 7 कर्मचारियों पर की गई सख्त कार्रवाई
मुंबई, सोहन सिंह तोमर (प्रतिनिधि)
महाराष्ट्र की एसटी (राज्य परिवहन सेवा) को जनता की “लोकवाहिनी” कहा जाता है। हर दिन लाखों नागरिक इसकी सेवाओं का लाभ उठाते हैं। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित और सम्मानजनक सेवा देना हर कर्मचारी का कर्तव्य है।
हाल ही में कुछ कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब पीकर गैरवर्तन करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने एसटी की सुरक्षा व दक्षता शाखा को तत्काल राज्यभर में जांच अभियान चलाने के आदेश दिए थे।
निर्देशों के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 को पूरे महाराष्ट्र में एक साथ, बिना किसी पूर्व सूचना के, अचानक जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान कुल 1,701 कर्मचारियों — जिनमें 719 चालक, 524 परिचालक और 458 यांत्रिक कर्मचारी शामिल थे — की जांच की गई।
इस जांच में 7 कर्मचारी दोषी पाए गए, जिनमें 1 चालक और 4 यांत्रिक कर्मचारी शामिल हैं। सभी को निलंबित कर दिया गया है।
🔍जांच का विवरण:
धुले विभाग: एक यांत्रिक कर्मचारी, एक स्वच्छक और एक चालक मद्यपान करते हुए पकड़े गए।
नाशिक विभाग: एक चालक दोषी पाया गया।
परभणी और भंडारा विभाग: प्रत्येक में एक-एक यांत्रिक कर्मचारी शराब के नशे में कार्य करते हुए मिले।
नांदेड़ विभाग: एक परिचालक (कंडक्टर) शराब के प्रभाव में पाया गया।
कर्तव्य पर रहते हुए शराब पीना गंभीर अपराध है और इससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। दोषी कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पूरी रिपोर्ट मुंबई मुख्यालय को भेजी जाएगी।
⚠️ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई का इशारा
मंत्री प्रताप सरनाईक ने चेतावनी दी है कि> “जो भी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बिना किसी दया के कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा विभाग ने यह भी बताया कि आगे भी इस तरह की अचानक जांच मुहिमें नियमित रूप से चलाई जाएंगी ताकि ऐसे गैरजिम्मेदार कर्मचारियों पर लगाम लगाई जा सके।
🚍 नई एसटी बसों में ‘ब्रेद एनालाइज़र’ लगेगा
मंत्री सरनाईक ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आने वाली नई एसटी बसों में चालक की सीट के पास “ब्रेद एनालाइज़र” (शराब जांच यंत्र) लगाया जाएगा ताकि चालक की स्थिति तुरंत जांची जा सके।
इस कदम से मद्यपी चालक पर अंकुश लगेगा और सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जनता ने भी इस मुहिम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे यात्रा और अधिक सुरक्षित होगी।अभिजीत भोसले, जनसंपर्क अधिकारी, परिवहन मंत्री कार्यालय


