
मतदान केंद्रों के पुनर्संयोजन पर जिलाधिकारी ने ली बैठक
18 नवम्बर तक राजनीतिक दल दे सकेंगे अपने सुझाव
इटावा, विशाल समाचार: भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण पूर्व गतिविधियों के तहत 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों के पुनर्संयोजन (संभाजन) के संबंध में जनपद के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि यदि किसी को कोई सुझाव या आपत्ति हो, तो 18 नवम्बर तक प्रस्तुत करें। उन्होंने सभी दलों से अपने-अपने बीएलए (Booth Level Agent) नियुक्त करने की अपील की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की सभी तीनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का भौतिक परीक्षण किया जाए, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि पुराने एवं जर्जर भवनों की स्थिति की जांच कर ऐसे मतदान केंद्रों को सुविधाजनक स्थलों पर स्थानांतरित किया जाए, जहाँ मतदाता सुगमता से पहुँच सकें। साथ ही, सभी मतदान केंद्रों पर विद्युत, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उदयभान सिंह ने सुझाव दिया कि कांशीराम कॉलोनी बकेवर को मतदान केंद्र बनाया जाए और उसमें पूरी कॉलोनी को शामिल किया जाए।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार, भाजपा जिला मंत्री जितेंद्र गौड़, समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू, सपा वरिष्ठ नेता उदयभान सिंह यादव, मा.क.पा. सचिव संतोष शाक्य, कांग्रेस नेता वाचस्पति द्विवेदी, बसपा जिला महासचिव राकेश कुमार, आप जिला महासचिव इकरार अहमद सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


