
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए निर्देश — “भाविकों के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं व आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विकसित करें”
मुंबई, (विशाल समाचार):
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य के प्रमुख ज्योतिर्लिंग स्थलों — श्री क्षेत्र भीमाशंकर, श्री क्षेत्र औंढा नागनाथ और श्री क्षेत्र घृष्णेश्वर — पर भाविकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास आराखड़ा तैयार किया जाए। उन्होंने मंदिर परिसरों में अत्याधुनिक एकीकृत सुरक्षा प्रणाली (Integrated Security System) विकसित करने और भाविकों के लिए उच्चस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री निवास वर्षा पर आयोजित इस समीक्षा बैठक में मंदिर विकास आराखड़ों का सादरीकरण किया गया। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार, अपर मुख्य सचिव विकास खारगे, व्ही. राधा, ओ.पी. गुप्ता, असिमकुमार गुप्ता, वेणुगोपाल रेड्डी, राजेश अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री फडणवीस ने कहा कि भाविकों की संख्या को देखते हुए मंदिर क्षेत्रों में दर्शन कतार व्यवस्था, प्रतीक्षा कक्ष, पेयजल, स्वच्छता, आंतरिक सड़कें, सूचना केंद्र, पार्किंग, स्वास्थ्य सुविधाएं, आपातकालीन सेवाएं और पर्यटन प्रोत्साहन संबंधी कार्यों पर तेजी से अमल किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रणाली विकसित की जाए ताकि आपातकाल में तुरंत मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मंदिर प्रबंधन के लिए सख्त नियम बनाए जाएं, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए, और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रस्तुत विकास आराखड़ों को उच्चस्तरीय समिति से मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर पुणे, हिंगोली और छत्रपती संभाजीनगर जिलों के संबंधित विभागों के अधिकारी, आयुक्त, और पर्यटन व पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए ताकि पुरातत्व से संबंधित स्वीकृतियाँ शीघ्र मिल सकें।
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