
इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रांची बना कमिन्स इंडिया की वार्षिक बी-स्कूल केस स्टडी प्रतियोगिता ‘रीडिफाइन 2025’ का विजेता
पुणे, भारत: कमिन्स इन इंडिया (“कमिन्स इंडिया”), पावर टेक्नोलॉजी समाधानों का एक अग्रणी प्रदाता, ने अपनी प्रतिष्ठित वार्षिक बी-स्कूल केस स्टडी प्रतियोगिता ‘रीडिफाइन 2025’ के आठवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रांची से टीम क्रो ने चैंपियन का खिताब जीतते हुए विजेता ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, मोहाली से टीम विजनियर्स उपविजेता रही।
इस वर्ष की थीम “बैकअप से बैकबोन तक: ड्राइविंग द एनर्जी शिफ्ट” ने प्रतिभागियों को ऊर्जा मूल्य श्रृंखला (एनर्जी वैल्यू चेन) की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने वाले नवीन और सतत् मॉडल खोजने के लिए प्रेरित किया। यह प्रतियोगिता छात्रों को नए विचारों के आदान-प्रदान और आपसी सहयोग का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। देशभर के 19 प्रमुख बी-स्कूलों से 2,151 टीमों के 6,453 छात्रों ने इसमें भाग लिया।
कई कठिन चरणों के बाद, छह फाइनलिस्ट टीमों ने पुणे स्थित कमिन्स इंडिया ऑफिस कैंपस में आयोजित ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लिया।
दो-दिवसीय फिनाले कार्यक्रम छात्रों के लिए एक समृद्ध अनुभव साबित हुआ, जिसमें नेतृत्व सत्र, नेटवर्किंग के अवसर और कमिन्स टेक्निकल सेंटर इंडिया तथा कोथरूड इंजन प्लांट के निर्देशित दौरे शामिल थे। कार्यक्रम का समापन जूरी मूल्यांकन और कर्मचारियों की लाइव वोटिंग के साथ हुआ। मुख्य प्रतियोगिता के अलावा, सभी फाइनलिस्ट टीमों ने एक रोचक सोशल मीडिया कॉन्टेस्ट में भी भाग लिया। टीमों ने अपने छोटे, आकर्षक टीम परिचय वीडियो बनाए जिन्हें उन्होंने लिंक्डइन पर अपलोड किया । इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रांची की टीम क्रो ने अपने वीडियो के लिए सबसे अधिक एंगेजमेंट हासिल किया और विजेता घोषित हुई।
विजेताओं को बधाई देते हुए, कमिन्स इंडिया की ह्यूमन रिसोर्सेज लीडर अनुपमा कौल ने कहा, “रीडिफाइन उन युवा दिमागों की ताकत का उत्सव है, जो परंपराओं को चुनौती देकर सीमाओं के बाहर सोचते हैं। मुझे प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभा, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की भावना पर अत्यधिक गर्व है। उनके विचार साहसी, व्यावहारिक और उद्देश्यपूर्ण हैं, जिनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट झलकती है। यह देखकर प्रेरणा मिलती है कि कैसे ये युवा परिवर्तनकारी विचार के साथ वास्तविक ऊर्जा चुनौतियों का समाधान नए दृष्टिकोण और दृढ़ इरादों से कर रहे हैं। अगली पीढ़ी की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना कमिन्स इंडिया की उस प्रतिबद्धता का अभिन्न हिस्सा है, जो सबके लिए एक मजबूत और स्थायी भविष्य बनाने की दिशा में कार्यरत है।”
कमिन्स इंडिया के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सुब्रमण्यिन चिदंबरन ने कहा, “हर वर्ष, रीडिफाइन हमें यह समझने का अनूठा अवसर देता है कि नई पीढ़ी किस तरह वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता से जोड़ती है। इस वर्ष, प्रतिभागियों ने अद्भुत रणनीतिक सोच और एक लचीले, भविष्य के लिए तैयार व्यावसायिक मॉडल की गहरी समझ प्रदर्शित की। हम विशेष रूप से उनके नवाचार और व्यावहारिक सोच के संतुलन से प्रभावित हुए। सभी विजेता टीमों और प्रतिभागियों को उनके शानदार प्रयासों और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई।”
फाइनलिस्ट टीमों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन कमिन्स इंडिया के वरिष्ठ नेतृत्व पैनल ने किया, जिसमें श्रीनिवास राघवन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – इंजीनियरिंग एवं चीफ टेक्निकल ऑफिसर; जेमसन मेंडोंका, पावर जनरेशन बिज़नेस लीडर; और सचिन सिमंत, डायरेक्टर – स्ट्रैटेजी, प्रोडक्ट प्लानिंग एवं डिजिटल, पावर सिस्टम्स बिजनेस यूनिट शामिल थे।
ग्रैंड फिनाले से पहले, कमिन्स इंडिया ने प्रतिभागियों को कंपनी के मिशन, विज़न और ऊर्जा के लगातार बदल रहे परिदृश्य को समझने और तैयारी करने में मदद करने के लिए इंटरएक्टिव नेतृत्व सत्र और क्विज आयोजित किए।
ग्रैंड फिनाले में प्रतिस्पर्धा करने वाली छह फाइनलिस्ट टीमें थीं:
1. इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड, दिल्ली से GASx3
2. इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, शिलॉंग से डायनैमिक ड्रीमर्स
3. इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रांची से क्रो
4. इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, मोहाली से विजनियर्स
5. इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, तिरुचिरापल्ली से टीम 7
6. इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ से निंजा टर्टल्सरी डिफाइन के बारे में अधिक जानकारी के लिये देखें – कमिन्स रीडिफाइन। कमिंस इंक. और नये अपडेट्स एवं जानकारियों के लिए लिंक्डइन, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब पर कमिन्स इंडिया को फॉलो करें।


