
केईएम हॉस्पिटल पुणे द्वारा फीटल मेडिसिन विषय पर राष्ट्रीय परिषद आयोजित
फीटल मेडिसिन क्षेत्र के भविष्य में एआय की भूमिका महत्वपूर्ण
पुणे, विशाल सिंह : केईएम हॉस्पिटल पुणे द्वारा फीटल मेडिसिन विषय पर राष्ट्रीय परिषद का आयोजन किया गया था. इसमें प्रसूतीपूर्व निदान, गर्भावस्था के दौरान उपचार और एक विशेष उदयोन्मुख शाखा के रूप में फीटल मेडिसिन का बढ़ता महत्व इसपर विविध विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया.
परिषद में विविध विशेषज्ञों ने माताओं और शिशुओं पर जल्द निदान और इलाज के असर पर अपनी राय रखी. गर्भ वृद्धि के दौरान होने वाली कई समस्याएं, जन्मजात असामान्यताएं, जेनेटिक डिसऑर्डर, और प्लेसेंटा (गर्भाशय की परत) का ठीक से काम न करना ऐसी कई स्थितियों का जल्दी पता लगाया जा सकता है और टार्गेटेड ट्रीटमेंट दी जा सकती है, और कुछ मामलों में, जन्म से पहले ही जान बचाने वाले फीटल प्रोसीजर किए जा सकते हैं. इस राष्ट्रीय परिषद में फीटल मेडिसिन के प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ.मणिकंदन कृष्णन, मेडिस्कॅन सिस्टिम्स डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड,फीटल मेडिसिन ॲन्ड ट्रेनिंग सेंटर,चेन्नई के संचालक प्रा.डॉ.सुरेश सेषाद्री ,प्रख्यात फीटल मेडिसिन तज्ञ डॉ.एस.सुदर्शन, केईएम हॉस्पिटल पुणे के फीटल मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.श्रीपाद कऱ्हाडे इनके साथ कई विशेषज्ञों ने अपना सादरीकरण देते हुए मार्गदर्शन किया. इस परिषद को स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और फिटल मेडिसिन विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
इस अवसर पर आयोजित पत्रकार परिषद में फीटल मेडिसिन के प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ.मणिकंदन कृष्णन, प्रख्यात फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.एस.सुदर्शन, केईएम हॉस्पिटल पुणे के वैद्यकीय संचालक डॉ.झक्सेस कोयाजी, केईएम हॉस्पिटल पुणे के फीटल मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.श्रीपाद कऱ्हाडे और फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.श्वेत़ा गुगले इन्होंने इस विषय पर जानकारी दी.
यह परिषद केईएम हॉस्पिटल के लगातार वैद्यकीय शिक्षा के प्रति वचनबध्दता एक हिस्सा था.
उन्नत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में फिटल मेडिसिन एक तेजी से विकसित हो रही वैद्यकीय शाखा है, जो बच्चे के जन्म से पहले विभिन्न स्थितियों के जल्द निदान, देखभाल और व्यवस्थापन पर केंद्रित होती है. अल्ट्रासाउंड तकनीक और फिटल इमेजिंग में हो रही प्रगति के कारण वैद्यकीय विशेषज्ञ पहली तिमाही में ही विकासात्मक विसंगतियों का निदान कर सकते हैं. इससे उच्च जोखिम वाली प्रसूतियों के लिए उचित तैयारी की जा सकती है.
केईएम हॉस्पिटल पुणे का फीटल मेडिसिन विभाग यह व्यापक प्रसूतीपूर्व सेवा प्रदान करने में अग्रणी रहा है .इस विभाग की ओर से प्रगत अल्ट्रासाउंड टेस्ट,फीटल इकोकार्डियोग्राफी,डॉपलर टेस्ट,जेनेटिक काउंसलिंग व उच्च जोखिम वाली प्रसूती के लिए इन सभी सुविधाओं के साथ समन्वित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता आ रहा है. फिटल मेडिसिन विशेषज्ञ, नवजात शिशु विशेषज्ञ, अनुवंश शास्त्र विशेषज्ञ और प्रसूति विशेषज्ञों की इस बहु-विषयक टीम द्वारा गर्भधारण से लेकर प्रसूती तक अचूक निदान, प्रगत और निरंतर सेवाएँ प्रदान की जाती हैं.
केईएम हॉस्पिटल पुणे के वैद्यकीय संचालक डॉ.झक्सेस कोयाजी ने कहा की, फिटल मेडिसिन के कारण प्रसूती -पूर्व सेवाओं में परिवर्तन आ रहा है. जल्दी और सही निदान से प्रीनेटल हेल्थ पर अच्छा असर पड़ता है. जल्द और अचूक निदान के कारण प्रसूती-पूर्व अवधि में स्वास्थ्य पर अच्छे परिणाम दिखाई देते हैं. प्रत्येक गर्भवती महिला को उच्च गुणवत्ता और प्रमाण आधारित स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो इसके लिए हम वचनबद्ध हैं .
गर्भावस्था के दौरान गर्भ में उत्पन्न होने वाली कुछ स्थितियों के बारे में लोगों में जागरूकता निर्माण होनी चाहिए, साथ ही यह जानकारी भी होनी चाहिए कि इन परिस्थितियों का उपचार संभव है, इस पर फिटल थेरेपी विशेषज्ञ डॉ. मणिकंदन और डॉ. श्वेता गुगले ने जोर दिया। इन उपचार विकल्पों की जटिलता अधिक होती है और इसके लिए प्रगत कौशल की आवश्यकता होती है. इसके लिए व्यापक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अस्पताल में बहु-विषयक विशेषज्ञों की जरूरत होती है.
इस परिषद का नेतृत्व कार्यक्रम के आयोजन समिती के अध्यक्ष डॉ.विवेक जोशी,सचिव डॉ.श्रीपाद कऱ्हाडे और डॉ.श्वेता गुगले इन्होने किया था और इसे एक अनुभवी साइंटिफिक कमिटी का सपोर्ट मिला था.
फिटल मेडिसिन के बारे में अधिक जागरूकता निर्माण करना और अधिक से अधिक लोगों को प्रसूती -पूर्व स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना,


