
वेदश्री तपोवन, मोशी में गीता जयंती महोत्सव; राज्यपाल आचार्य देवव्रत हुए सम्मिलित
“मानव की आध्यात्मिक भूख मिटाने के लिए वेद-गीता की ओर लौटना आवश्यक” — राज्यपाल
पुणे, विशाल समाचार: वेदश्री तपोवन, मोशी में आयोजित गीता जयंती महोत्सव में महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मानव की आध्यात्मिक पूर्ति के लिए वेद, उपनिषद और गीता की ओर लौटना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, एकता और बंधुत्व बनाए रखने की शिक्षा वेदों से मिलती है और हमें इस सीख को जीवन में उतारने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का आयोजन वेदश्री तपोवन कार्य समिति, महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान, संत ज्ञानेश्वर गुरुकुल, गीता परिवार और श्रीकृष्ण सेवा निधि के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर—
संत ज्ञानेश्वर पुरस्कार शांतीब्रंह ह.भ.प. मारुति महाराज कुरेकर को,
स्वामी विवेकानंद पुरस्कार चिलकूर बालाजी मंदिर, हैदराबाद के अर्चक एवं न्यासी C. S. रंगनाथन को,
तथा समाजसेवा क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. मुकुंद दातार को सम्मानित किया गया।
मंच पर अयोध्या श्रीराम मंदिर तीर्थक्षेत्र के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी महाराज, गीता परिवार के कार्याध्यक्ष संजय मालपाणी, स्वागताध्यक्ष अभय भूतड़ा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कहा कि वेद विश्व की धरोहर हैं, उपनिषद उनका सार हैं और गीता उपनिषदों का सार है। उन्होंने संत ज्ञानेश्वर द्वारा गीता को प्राकृत भाषा में पहुंचाए जाने को ऐतिहासिक योगदान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि गीता का ज्ञान युवाओं को भोगवाद और व्यसनों से दूर रख सकता है।
कार्यक्रम में गीता श्लोक अंताक्षरी, श्लोक गायन तथा विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
राज्यपाल ने तपोवन वेद विद्यालय का भ्रमण किया
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने वेदश्री तपोवन स्थित वेद विद्यालय का दौरा किया, जहां उन्हें वेद, उपनिषद और प्राचीन ग्रंथों के डिजिटल संरक्षण की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई।


