इटावा नुमाइश का विज्ञापन विवाद: मीडिया हाउस में नाराज़गी, हर साल मिलने वाला विज्ञापन इस बार क्यों रोका गया?
इटावा, विशाल समाचार
इटावा नुमाइश प्रदर्शनी के शुभारंभ से ठीक पहले एक बड़ा विज्ञापन विवाद सामने आया है। हर साल की परंपरा के अनुसार उद्घाटन से एक दिन पहले सभी प्रमुख मीडिया हाउस को नुमाइश प्रदर्शनी से संबंधित विज्ञापन जारी किए जाते थे, लेकिन इस वर्ष अचानक विज्ञापन न मिलने से मीडिया जगत में नाराज़गी की लहर दौड़ गई है।
मीडिया संस्थानों का कहना है कि वर्षों से यह प्रक्रिया सदर एसडीएम की देख-रेख में सुचारु रूप से चलती रही, लेकिन इस बार वर्ष 2025 में प्रशासनिक जिम्मेदारी बदलते ही हालात बदल गए। सूत्रों के अनुसार अब यह कार्यभार एडीएम स्तर पर जाने के बाद विज्ञापन जारी न किए जाने की स्थिति बनी है।
“Sir का बहाना बनाकर ठेंगा दे दिया”—सूत्र
सूत्रों का दावा है कि विज्ञापन जारी न करने की वजह में “ऊपर से अनुमति नहीं मिली” जैसा तर्क दिया गया, जबकि पिछले वर्षों में कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
कई मीडिया प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया है:
उद्घाटन से एक दिन पहले दिया जाने वाला विज्ञापन इस बार क्यों रोका गया?
क्या प्रशासन में कहीं प्रक्रिया बदली गई है?
क्या विज्ञापनों के वितरण में ‘झोलझाल’ की आशंका है?
सूत्रों का कहना है कि विज्ञापन नीति को लेकर “अंदरखाने कुछ गड़बड़ियाँ” बताई जा रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
प्रशासन की ओर से चुप्पी
विवाद पर अब तक प्रशासन की तरफ से कोई औपचारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। मीडिया हाउस प्रशासनिक पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं और यह सवाल उठ रहा है कि जब हर वर्ष विज्ञापन समय पर जारी होते रहे हैं तो इस वर्ष क्या बदल गया?
मीडिया जगत में चर्चा गर्म
इटावा नुमाइश न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन है, बल्कि जिले के मीडिया संस्थानों के लिए भी एक बड़ा कवरेज अवसर है। ऐसे में विज्ञापन रोकने का फैसला कई मीडिया संगठनों के लिए हैरानी का विषय बन गया है।

