
जीएसटी के सफल क्रियान्वयन में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अहम
प्रधान मुख्य आयुक्त मयंक कुमार ने कहा; आईसीएआई द्वारा आयोजित जीएसटी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
पुणे: विशाल सिंह
पुणे “भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। जीएसटी कानून को और सरल एवं प्रभावी बनाने के लिए काउंसिल लगातार बदलाव कर रही है। ऐसे में सीए समुदाय के लिए इन नए प्रावधानों को समझना बेहद आवश्यक है, और इस तरह के राष्ट्रीय सम्मेलन बेहद उपयोगी साबित होते हैं,” ऐसा मत सेंट्रल जीएसटी एंड कस्टम्स, पुणे ज़ोन के प्रधान मुख्य आयुक्त मयंक कुमार (आईआरएस) ने व्यक्त किया।
दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की जीएसटी एवं इनडायरेक्ट टैक्स कमेटी तथा आईसीएआई पुणे शाखा की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय जीएसटी सम्मेलन का उद्घाटन मंगलवार को मयंक कुमार के हाथों हुआ। यह कार्यक्रम म्हात्रे पुल के पास स्थित सिद्धी बैंक्वेट्स में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जीएसटी कमेटी के वाइस चेयरमैन सीए उमेश शर्मा, केंद्रीय समिति सदस्य सीए चंद्रशेखर चितले, क्षेत्रीय समिति सदस्य सीए रेखा धामणकर, सीए अभिषेक धामणे, सीए राजेश अग्रवाल, पुणे शाखा अध्यक्ष सीए सचिन मिणियार मंच पर उपस्थित थे, जबकि उपाध्यक्ष सीए प्रणव आपटे, सचिव सीए निलेश येवलेकर, कोषाध्यक्ष सीए नेहा फडके तथा कार्यकारिणी सदस्य सीए सारिका दिंडोकर, सीए नंदकुमार कदम, सीए हृषिकेश बडवे, सीए प्रितेश मुनोत भी उपस्थित रहे।
मयंक कुमार ने कहा कि जीएसटी काउंसिल हर महीने समीक्षा कर आवश्यक संशोधन कर रही है। हाल के महीनों में जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते कर संरचना में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। इससे लघु एवं मध्यम उद्योगों और करदाताओं को राहत मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में गड़बड़ियों के मामले बढ़ते दिख रहे हैं। “इन अनियमितताओं को रोकने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को आगे आकर ‘सिस्टम के गेटकीपर’ की भूमिका निभानी चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा।
सीए चंद्रशेखर चितले ने कहा, “चार्टर्ड अकाउंटेंट देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले होते हैं। जीएसटी को आसान बनाने, बजट में उचित प्रावधान सुनिश्चित करने और करदाताओं को सही दिशा देने में सीए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आईसीएआई अपने सदस्यों के ज्ञानवर्धन के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित करता है।”
सीए उमेश शर्मा ने कहा कि किसी भी विषय का गहरा अध्ययन ही व्यक्ति को दक्ष बनाता है। “जीएसटी में निरंतर बदलाव हो रहे हैं। प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इन परिवर्तनों को समझना बेहद जरूरी है, और इसी वजह से ऐसे सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।”
सीए रेखा धामणकर, सीए राजेश अग्रवाल और सीए अभिषेक धामणे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत भाषण सीए सचिन मिणियार ने किया, जबकि संचालन सीए सारिका दिंडोकर ने और आभार प्रदर्शन सीए नेहा फडके ने किया।



