
71वां सवाई गंधर्व भीमसेन महोत्सव : तैयारियां पूरी, 10 दिसंबर से होगी भव्य सुरुवात
पुणे : आर्य संगीत प्रसारक मंडल द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित सवाई गंधर्व भीमसेन महोत्सव की सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। 71वां महोत्सव 10 से 14 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत बुधवार, 10 दिसंबर को दोपहर 3 बजे होगी।
महोत्सव मुकुंदनगर स्थित महाराष्ट्रीय मंडळ के खेल संकुल में आयोजित किया जा रहा है। आर्य संगीत प्रसारक मंडल के कार्याध्यक्ष श्रीनिवास जोशी ने बताया कि कार्यक्रमस्थल पर लगभग 8 से 10 हजार संगीत प्रेमियों को समायोजित करने के लिए भव्य मांडव तैयार किया गया है।
बेहतर सुविधाओं के साथ महोत्सव स्थल तैयार
महोत्सव में आने वाले दर्शकों के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गई है। दर्शकों को मंच का बेहतर अनुभव देने के लिए इस बार पहले से बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं। साथ ही कलाकारों की ध्वनि अंतिम पंक्ति तक स्पष्ट पहुँचे, इसके लिए अत्याधुनिक साउंड सिस्टम तैयार किया गया है।
महोत्सव परिसर में खाद्यपदार्थों के स्टॉल, पुरुष एवं महिला दर्शकों के लिए अलग एवं आधुनिक प्रसाधनगृह, तथा कार्यक्रम के बाद घर लौटने वालों के लिए पीएमपीएमएल की विशेष बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी।
पहले दिन का कार्यक्रम
महोत्सव की शुरुआत दिल्ली के प्रसिद्ध शहनाईवादक लोकेश आनंद के शहनाई वादन से होगी। उन्होंने अपने पिता कालीचरण तथा पं. अनंतलाल और पं. दयाशंकर से शहनाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इसके बाद किराना घराने की गायिका डॉ. चेतना पाठक अपनी प्रस्तुति देंगी। वे पद्मविभूषण स्वरयोगिनी डॉ. प्रभा अत्रे की शिष्या हैं।
इसके पश्चात बनारस घराने के गायक एवं पं. राजन मिश्रा के सुपुत्र-शिष्य मिश्रा बंधु – रितेश एवं रजनीश मिश्रा सहगायन प्रस्तुत करेंगे।
भारतरत्न पं. रविशंकर के शिष्य पं. शुभेंद्र राव और उनकी पत्नी, नेदरलैंड्स की चेलो वादक विदुषी सास्किया राव–दे–हास, सतार-चेलो का अनूठा युगलवादन पेश करेंगे। सास्किया ने पं. हरिप्रसाद चौरसिया से भारतीय संगीत की दीर्घकालीन तालीम ली है और ‘भारतीय चेलो’ जैसी अनोखी परंपरा विकसित की है।
पहले दिन का समापन भारतीय शास्त्रीय संगीत के वरिष्ठ गायक पं. उल्हास कशाळकर के गायन से होगा।


