
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में नागपुर में तीर्थक्षेत्र व पर्यटनस्थल विकास शिखर बैठक संपन्न
तुळापूर–वढू (बु.) शिवस्मारक विकास को गती; 532.51 करोड़ रुपये के संशोधित आराखड़े को मंज़ूरी
पुणे (मोहन तोमर)
स्वराज्यरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान स्थल तुळापूर (ता. हवेली) और समाधि स्थल वढू (बु.) ता. शिरुर को सीधे जोड़ने वाले सड़क और पुल निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी गई है। भीमा नदी पर तुळापूर–वढू (बु.) आपटी में पुल निर्माण तथा आपटी–वढू (बु.) सड़क के चौड़ीकरण के 250.27 करोड़ रुपये के प्रकल्प को हरी झंडी दी गई है।
आज विधान भवन, नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में तथा उपमुख्यमंत्री एवं वित्त-नियोजन मंत्री अजित पवार, उपमुख्यमंत्री एवं नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में राज्यस्तरीय तीर्थक्षेत्र व पर्यटनस्थल विकास संबंधी शिखर समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वढू–तुळापूर विकास आराखड़े को गति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में पुणे जिले के वढू–तुळापूर विकास आराखड़े का सादरीकरण जिल्हाधिकारी जितेंद्र डुडी द्वारा किया गया।
इससे पहले “छत्रपति संभाजी महाराज बलिदान स्थल व समाधि स्थल विकास आराखड़ा” के 282.24 करोड़ रुपये के आराखड़े को मंजूरी दी गई थी। नए सड़क और पुल कार्य को जोड़ने के बाद संपूर्ण संशोधित आराखड़े की किंमत 532.51 करोड़ रुपये हो गई है।
ग्रीनफील्ड मार्ग बनेगा श्रद्धा का हेरिटेज वॉक
नया प्रस्तावित मार्ग तुळापूर के बलिदान स्थल को वढू (बु.) के समाधि स्थल से सीधे जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड हेरिटेज मार्ग होगा। इससे शिवभक्तों और पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और सीधी हो जाएगी। शिवप्रेमियों की भावना का सम्मान करते हुए इस मार्ग को “हेरिटेज वॉक” के स्वरूप में विकसित किए जाने की योजना है।
पुल पर प्रेक्षक गैलरी – कलाकृतियों का भव्य दृश्य
प्रस्तावित पुल पर दर्शक गैलरी भी बनाई जाएगी, जहाँ से आराखड़े में प्रस्तावित म्यूरल्स, पुतले और अन्य कलाकृतियों का आकर्षक दृश्य देखा जा सकेगा। इससे यह पुल और मार्ग केवल दळण–वळण का साधन न रहकर सांस्कृतिक एवं भावात्मक दृष्टिकोनातून एक महत्त्वपूर्ण स्मारकस्थळ बनेगा।
उच्चस्तरीय अधिकारी उपस्थित
बैठक में स्थानीय विधायक ज्ञानेश्वर उर्फ माऊली आबा कटके, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव (वित्त), अपर मुख्य सचिव (सार्वजनिक बांधकाम), प्रधान सचिव (नियोजन), अपर पुलिस महासंचालक (कानून व सुव्यवस्था), जिल्हाधिकारी पुणे, पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सार्वजनिक बांधकाम विभाग के अधीक्षक अभियंता उपस्थित रहे।
दूरसंचार प्रणाली से पुणे विभागीय आयुक्त और पुणे जिला पुलिस अधीक्षक ने भी बैठक में सहभाग नोंदवाया।
यह निर्णय शिवस्मारक विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।



