पूणे

देश में संक्रमणजनित रोग घटे, जीवनशैली से जुड़े रोगों में बढ़ोतरी — रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पद्मश्री डॉ. रवी कन्नन आर 14वें स्वास्थ्य फिल्म महोत्सव का उद्घाटन संपन्न

देश में संक्रमणजनित रोग घटे, जीवनशैली से जुड़े रोगों में बढ़ोतरी — रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पद्मश्री डॉ. रवी कन्नन आर 14वें स्वास्थ्य फिल्म महोत्सव का उद्घाटन संपन्न

 

पुणे, :भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर देश में संक्रमणजनित रोगों की संख्या घट रही है, और जीवनशैली से संबंधित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। यह महत्वपूर्ण अवलोकन रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता, पद्मश्री और प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रवी कन्नन आर ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जीवनशैली में बड़े पैमाने पर आए बदलाव के कारण स्वस्थ रहने के लिए सजगता और सुदृढ़ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

 

डॉ. कन्नन पुणे स्थित पी.एम. शाह फाउंडेशन और वर्धमान प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित 14वें स्वास्थ्य चित्रपट महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोलत़े थे। महोत्सव का उद्घाटन राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय, विधी महाविद्यालय रोड पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय के निदेशक जसबीर सिंह, पी.एम. शाह फाउंडेशन के अध्यक्ष किरण कोठाडिया, विलास राठोड़, फाउंडेशन के निदेशक अॅड. चेतन गांधी, शरद मुनोत, किरण शाह, डॉ. विक्रम काळुसकर, सतीश कोंढाळकर सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य फिल्म चयन समिति की सदस्य अनुजा देवधर, नीता मेहता और डॉ. लीना बोरुडे का विशेष सत्कार किया गया। महोत्सव की शुरुआत ‘वेनम वॉरियर’ नामक लघुपट से हुई।

 

डॉ. कन्नन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देशवासियों की क्रयशक्ति बढ़ी है, जिससे जीवनशैली में बदलाव आया है और इसके परिणामस्वरूप कैंसर, मधुमेह और हृदयरोग जैसे रोगों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत को स्वस्थ राष्ट्र बनाना है, तो नागरिकों को जीवनशैली सुधार और नियमित स्वास्थ्य-जागरूकता पर अधिक ध्यान देना होगा।

 

उन्होंने आगे कहा, “कैंसर, हृदयरोग और मधुमेह जैसे अनेक रोगों का मूल कारण तंबाकू का सेवन, मद्यपान और व्यायाम की कमी है। नागरिकों ने यदि इन आदतों पर नियंत्रण रखा और युवाओं ने समाज में सजगता फैलाने का कार्य किया, तो देश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा लाभ होगा।”

डॉ. कन्नन ने फिल्म माध्यम को स्वास्थ्य-जागरूकता का प्रभावी साधन बताते हुए कहा कि वे जिस शहर सिलचर (आसाम) में कार्यरत हैं, वहाँ भी इस प्रकार का स्वास्थ्य फिल्म महोत्सव आयोजित करने की इच्छा है।

 

इस वर्ष संपन्न हो रहे 14वें स्वास्थ्य चित्रपट महोत्सव के लिए देश-विदेश से 145 से अधिक लघुपट व वृत्तचित्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 31 चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें मानसिक स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य व बाल लैंगिक शोषण, महिला स्वास्थ्य, अंगदान, कैंसर, सामाजिक स्वच्छता, वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याएँ आदि विषय शामिल हैं।

भारत के अलावा दुबई, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, अमेरिका, पाकिस्तान, अल्जीरिया, इंग्लैंड, बांग्लादेश, सेनेगल, फिलिपिन्स, फ्रांस, ओमान, सऊदी अरब, मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, सर्बिया और ईरान जैसे देशों से भी प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं।

कार्यक्रम का संचालन मोनिका जोशी ने किया।

 

 

 

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