
नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के प्रकरण समय सीमा में निराकृत करें – कमिश्नर
रीवा विशाल समाचार. कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि सभी कलेक्टर कानून और व्यवस्था की निगरानी के साथ-साथ राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरण तय समय सीमा में निराकृत करें। सभी पीठासीन अधिकारियों के न्यायालय नियमित रूप से सुनवाई करें। राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक रूप से पेशी आगे न बढ़ाएं। सीमांकन का कोई भी प्रकरण तीन महीने से अधिक समय से लंबित न रहे। अभी सभी राजस्व अधिकारी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के कार्य में लगे हुए थे। यह कार्य लगभग पूरा हो गया है। कलेक्टर हर महीने राजस्व कार्यों की समीक्षा करके राजस्व प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।
कमिश्नर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों के जमीन बंटवारे तथा पट्टे के आवेदन पत्र भी तत्परता से निराकृत कराएं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें। सभी शिक्षकों की ई अटेंडेंस दर्ज कराएं। ई अटेंडेंस से उपस्थिति दर्ज न करने वाले शिक्षकों का वेतन रोकें। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में सुधार के लिए विकासखण्ड स्तर पर रसोईया समूह संचालक तथा शिक्षकों की बैठक करके प्रशिक्षण दें। सभी स्कूलों में पुताई, साफ-सफाई और सामान्य सुधार के कार्य एक माह में कराएं। कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं। इनकी समय पर जाँच तथा टीकाकरण कराएं। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी रखें। इन्हें प्रसव से एक सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार सुविधा दें। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों की ग्रामवार सूची बनाकर प्रस्तुत करें। एसडीएम, बीएमओ, बीईओ तथा परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास की टीम इनकी सतत निगरानी करे। इनके लिए अन्य विभाग के कर्मचारियों को मानीटरिंग के लिए तैनात करें। गर्भवती महिलाओं की चौथी जाँच का प्रतिशत संभाग में केवल 33 है। यह स्थिति चिंताजनक है। सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर इस संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित करें। औद्योगिक संस्थानों तथा आमजनता के सहयोग से हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं एवं कम पोषित बच्चों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए अभियान चलाएं।
बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भावस्था अथवा प्रसव के दौरान महिला की मौत होने अथवा शिशु की मौत होने के सभी प्रकरणों का डेथ ऑडिट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए अस्पतालों के निरीक्षण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी किया जाना आवश्यक है। स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को मिलकर प्रयास करना होगा। बैठक में कलेक्टर सतना डॉ सतीश कुमार एस तथा कलेक्टर सीधी स्वरोचिष सोमवंशी ने भी स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए। बैठक में क्षय नियंत्रण अभियान, शिशुओं के टीकाकरण, आंगनवाड़ी केन्द्रों से पोषण आहार के वितरण पोषण पुनवार्स केन्द्र में भर्ती बच्चों के फालोअप तथा सिकल सेल एनीमिया की जाँच के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर मैहर श्रीमती रानी बाटड, अपर कलेक्टर मऊगंज पीके पाण्डेय, अपर कलेक्टर सिंगरौली, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त एलएल अहिरवार, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास शशि श्याम उइके, संयुक्त संचालक शिक्षा नीरव दीक्षित तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

