
इटावा में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण पर सवाल, गरिमा और गुणवत्ता को लेकर उठी आवाज़
इटावा ब्यूरो: विशेष संवाददाता
“इटावा ”:इटावा जनपद में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। इस कार्यक्रम में कई दिग्गज नेता, मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा और आंदोलनों के बाद प्रतिमा का अनावरण तो हो गया, लेकिन इसके साथ ही कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को लेकर नगर पालिका द्वारा कई बार बदलाव किए गए। प्रतिमा के स्वरूप और गुणवत्ता को लेकर पूर्व में भी आपत्तियां जताई गई थीं, जिस कारण जनआंदोलन तक हुए। इसके बावजूद, अनावरण के बाद भी प्रतिमा को लेकर संतोष की स्थिति नजर नहीं आ रही है।
“इटावा में अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिमा अनावरण के दौरान मौजूद मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी।”

डीएम चौराहे जैसे अत्यंत व्यस्त स्थल, जहां से प्रतिदिन लाखों लोग गुजरते हैं, वहां स्थापित इस प्रतिमा को लेकर स्थानीय नागरिकों और जानकारों का कहना है कि यह अटल जी के व्यक्तित्व, कद और गरिमा के अनुरूप नहीं दिखती। सूत्रों का दावा है कि प्रतिमा की बनावट और प्रस्तुति ऐसी है, जो पूर्व प्रधानमंत्री के गौरवशाली योगदान को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती।
स्थानीय लोगों में यह चर्चा आम है कि इतनी देरी और तमाम आंदोलनों के बाद भी क्या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासन यह सुनिश्चित नहीं कर पाए कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता की प्रतिमा उच्च गुणवत्ता और सौंदर्यबोध के साथ स्थापित हो।
अब सवाल यह है कि क्या यह अनावरण जनभावनाओं का सम्मान है या केवल एक औपचारिकता?
इन सवालों पर जिम्मेदारों का जवाब आना बाकी है।
सवाल उठेंगे,और सवाल पूछना ही पत्रकारिता की जिम्मेदारी है।

