
विश्वशांती केंद्र (आळंदी) में ‘एमआइटी सांस्कृतिक संध्या’ संगीत महोत्सव का आयोजन
पुणे विशाल समाचार: विश्वशांती केंद्र (आळंदी), मायर्स एमआईटी, पुणे द्वारा 30 और 31 दिसंबर 2025 को “एमआईटी सांस्कृतिक संध्या” संगीत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन 30 दिसंबर को शाम 5.30 बजे सारंग कुलकर्णी और प्रियंका बर्वे की प्रमुख उपस्थिति में होगा।
महोत्सव में शास्त्रीय गायिका डॉ. श्रेयसी पावगी, पखवाज वादक पं. उद्धवबापू आपेगावकर, प्रा. शशांक दिवेकर, आदिनाथ धुमाले, अदिती रिसवडकर सहित कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। 31 दिसंबर को सुप्रसिद्ध गायिका गोदावरीताई मुंडे, व्हायोलिन वादक तेजस उपाध्ये, श्रीमती कल्याणी बोंद्रे और गायक उपेंद्र भट का प्रदर्शन होगा। कार्यक्रम की शुरुआत शहनाई वादक तुकाराम दैठणकर की सनई वादन से होगी।
विश्वशांती केंद्र का यह प्रयास भारतीय संस्कृति और परंपरा के माध्यम से युवाओं में “स्वधर्म, स्वाभिमान और भारतीय अस्मिता” जागृत करने का है। समापन यज्ञकुंड में समाज और स्वयं के लिए सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना के साथ होगा।
कार्यक्रम की विशेषता:
विश्वराज बंधारा और गुरूकुल के प्राकृतिक व शांत वातावरण में आयोजित यह संगीत महोत्सव श्रोताओं को न केवल सांगीतिक आनंद देगा, बल्कि ईश्वर दर्शन और शांति का अनुभव भी कराएगा। तीन विशेष मंचों—‘श्री महासरस्वती’, ‘श्री महालक्ष्मी’ और ‘श्री महाजलदेवता’—के माध्यम से शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराया जाएगा, जो इसे अन्य संगीत कार्यक्रमों से अलग और अनोखा बनाता है।
एमआईटी सांस्कृतिक संध्या का यह कार्यक्रम नव वर्ष 2026 की अभिनव शुरुआत का प्रतीक है। संगीत और यज्ञकुंड के माध्यम से समाज और स्वयं के अंदर सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार होगा। आयोजक संयोजकों का आग्रह है कि सभी श्रोतागण इस सांस्कृतिक संध्या में भाग लेकर नाद ब्रह्म स्वरूप संगीत की साधना और ईश्वर दर्शन का आनंद लें।

