
ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर रिश्वत लेते DPR0 का वीडियो वायरल, इटावा में मचा हड़कंप
सीएम कार्यालय के अधिकारियों को और सबूत चाहिए क्या?
इटावा। विशाल समाचार संवाददाता
जिला पंचायती राज अधिकारी (DPR0) बनवारी लाल पर ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर पंचायत सचिव से ₹40 हजार की रिश्वत मांगने और ₹20 हजार लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।
शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह के अनुसार यह वीडियो स्वयं पंचायत सचिव द्वारा बनाया गया था। आरोप है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिसमें पहली किश्त के रूप में ₹20 हजार दिए गए। वायरल वीडियो में DPR0 को पैसे लेते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
CM से लेकर हेल्पलाइन तक 8–10 शिकायतें, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन तक आठ-दस बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
देवेन्द्र सिंह तोमर भी पिछले सात महीनों से इस मामले को लगातार उठाते रहे, मगर हर बार जांच की मांग के बावजूद मामले को दबा दिया गया।
पंचायती राज विभाग पर पहले से लगते रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
इटावा जिला पंचायती राज विभाग पर पहले भी मनमानी ट्रांसफर-पोस्टिंग, जांच के नाम पर वसूली और लेन-देन के जरिए मामलों को दबाने के आरोप लगते रहे हैं।
ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों का कहना है कि जो कर्मचारी सुविधा शुल्क देते थे, उन्हें मनचाही तैनाती मिल जाती थी, जबकि पैसा न देने वालों को जांच और कार्रवाई की धमकी देकर परेशान किया जाता था। इन्हीं आरोपों को लेकर कुछ समय पहले ग्राम प्रधानों और सचिवों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था।
वीडियो में ‘दो लाख’ का जिक्र, मामला और गरमाया
विडियो वायरल जरूर देखें …..
वायरल वीडियो में DPR0 यह कहते हुए भी सुनाई दे रहे हैं कि
“ताकत के जय किशन ₹2 लाख दे रहा था, लेकिन मैंने मना कर दिया।”
इस बयान के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा गंभीर और संदिग्ध हो गया है।
भाजपा ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग तेज
भाजपा मीडिया प्रभारी रोहित सक्सेना ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए DPR0 पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिकायत लखनऊ तक पहुंची थी, लेकिन कथित तौर पर सेटिंग के जरिए कार्रवाई रुकवा दी गई।
बताया जा रहा है कि DPR0 बनवारी लाल पिछले तीन वर्षों से इटावा के विकास भवन में तैनात हैं।
10 जनवरी 2026 को दर्ज हुई थी शिकायत
शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 10 जनवरी 2026 को प्रमुख सचिव को लिखित शिकायत दी थी। इसके अलावा CM जनसुनवाई, स्पीड पोस्ट, ऑनलाइन शिकायत और सूचना अधिकार (RTI) के तहत भी प्रयास किए गए, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने संपर्क तक नहीं किया।
देवेन्द्र सिंह तोमर की जांच आज भी लंबित, दबाने के आरोप
इस पूरे मामले में देवेन्द्र सिंह तोमर द्वारा कराई गई जांच आज तक पेंडिंग पड़ी हुई है। आरोप है कि उन्होंने राज्य सरकार से लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों तक निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन जिला प्रशासन स्तर पर ही सभी शिकायतों को दबा दिया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बार-बार झूठी और मनगढ़ंत रिपोर्टें लगाई जाती रहीं, ताकि संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई न हो सके।
RTI भी पेंडिंग, प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
आरोप है कि जिला प्रशासन के पास RTI के तहत लगाई गई अर्जियां भी अब तक लंबित पड़ी हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कोई भी अधिकारी न तो आधिकारिक जवाब दे रहा है और न ही फोन तक उठाने को तैयार है, जिससे पूरे मामले में प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के आरोप और गहरे हो गए हैं।
अब रिश्वत लेते हुए ताजा वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर जनता की निगाहें शासन पर टिकी हुई हैं।
जनता बेसब्र से इंतजार में मुख्यमंत्री महोदय क्या कार्रवाई करते इस पर क्या जबाब देंगे!


