
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन में हुई बैठक
रिपोर्ट : विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: सीतामढ़ी,बिहार
समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षात्मक बैठक की गई। जिलाधिकारी ने सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक निर्देश दिया।उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा कि संबंधित विभाग इस संबंध में अपना डीपीआर बनाकर शीघ्र प्रस्तुत करें। मालूम हो कि सीतामढ़ी जिले में इस प्रोग्राम के तहत 09 गांवों का चयन किया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी ने सड़क संपर्क ,पेयजल ,बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका का सृजन से संबंधित परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि वाइब्रेट विलेज एक्शन प्लान के तहत सभी विकास कार्यों को आपसी समन्वय से किया जाए ताकि संसाधनों का उचित रहेगा उपयोग सुनिश्चित हो सके ।उन्हें बताया कि सीमांत गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जीवन शैली और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है ।वाइब्रेट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य इन सीमावर्ती गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना ,उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ना और सकारात्मक बदलाव लाना है।
इस प्रोग्राम के तहत सीतामढ़ी जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के नौ गांव चिन्हित किए गए हैं। इसमें बैरगनिया के बखरी,बैरगनिया के ही
मसहा नरोतम,परिहार प्रखंड में गौरहारी,सोनवर्षा प्रखंड के कन्हौली,मरहा छितौना,इंदरवा,
सोनबरसा, उरलहिया एवं मेजरगंज प्रखंड विशंभरपुर ननकार। इनमें सोनबरसा प्रखंड के सबसे अधिक छह गांव चिन्हित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम योजना का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती आबादी को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ना तथा उन्हें सीमा सुरक्षा बलों की आंख और कान के रूप में जागरूक करना है ।बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करना और पर्याप्त आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है ।साथ ही सीमावर्ती आबादी को अन्य गतिविधियों यथा राष्ट्र विरोधी और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से दूर रखना। वहीं इसके नोडल पदाधिकारी जिला योजना अधिकारी संतोष कुमार सुमन ने बताया कि यह कार्यक्रम भारत सरकार की वर्तमान योजनाओं का संतृप्तिकरण सुनिश्चित करेगा ताकि सभी पात्र लाभार्थियों ,परिवारों तक योजनाओं का पूर्ण लाभ पहुंच सके। बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करना एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने हेतु सक्षम और अवसंरचना एवं क्षमताओं का सृजन करना है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को टास्क दिया गया है।
बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार,जिला जन संपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, जिला योजना अधिकारी संतोष कुमार सुमन सहित सभी विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।



