
सीतामढ़ी में 10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम शुरू
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: सीतामढ़ी,बिहार
सीतामढ़ी जिले में फाइलेरिया नियंत्रण के उद्देश्य से आगामी 10 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” को लेकर जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में अध्यक्षता में कल देर शाम परिचर्चा भवन में समन्यव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में उपविकास आयुक्त संदीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, एसीएमओ जेड जावेद, SSB के जिला कमांडेंट, जिला VBD नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर. के. यादव, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्यान भोजन), जिला कार्यक्रम समन्वयक (ICDS) रूपम कुमारी, जीविका से स्वास्थ्य व पोषण पदाधिकारी छट्ठू कुमार, जिला स्वास्थ्य प्रबंधक असित रंजन, जिला अनुश्रवण वा मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक, तथा पीरामल फाउंडेशन से जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार और कार्यक्रम लीड रोहित कुमार शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान यह अपील की गई कि 10 फरवरी 2026 को सभी प्रखंडों एवं पंचायतों में पदाधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि स्वयं दवा का सेवन कर अभियान की शुरुआत करें, ताकि समुदाय में सकारात्मक संदेश जाए। साथ ही माननीय स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित महाअभियान के सफल संचालन हेतु सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।
बैठक में विभागवार जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं।
1. जीविका को अपने सभी स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को बूथ तक लाकर दवा सेवन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई।
2. ICDS को आशा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बूथ का आयोजन, दवा सेवन और उसका रिकॉर्ड संधारण करने का दायित्व सौंपा गया।
3. पंचायती राज विभाग को जनप्रतिनिधियों को जागरूक कर स्वयं दवा सेवन के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने एवं बूथ पर समुदाय समन्वय की जिम्मेदारी दी गई।
4. शिक्षा विभाग को बच्चों को जागरूक करने, शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में दवा सेवन से अभियान की शुरुआत करने तथा दवा वितरण के दौरान दलकर्मियों को सहयोग देने का निर्देश दिया गया।
5. जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
6. स्वास्थ्य विभाग को सभी कर्मियों की तैनाती, रैपिड रिस्पॉन्स टीम के गठन तथा प्रखंड स्तर से प्रभावी मॉनिटरिंग योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है।



