Uncategorized

चेन्नई के स्कूल ऑफ़ द विज़डम, थियोसोफिकल सोसायटी में शांति और विश्व कल्याण की गूंजी आवाज

 

वैश्विक आध्यात्मिक संवाद में एमआईटी के

आचार्य श्री शिवम का सहभाग

चेन्नई के स्कूल ऑफ़ द विज़डम, थियोसोफिकल सोसायटी में शांति और विश्व कल्याण की गूंजी आवाज

रिपोर्ट : विशाल समाचार संवाददाता 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

पुणे: “दैनिक जीवन में आध्यात्मिक शिक्षाओं का अभ्यास ”विषय को लेकर हाल ही में चेन्नई स्थित थियोसोफिकल सोसायटी, के प्रतिष्ठित स्कूल ऑफ़ द विज़डम (SOW) में आयोजित आध्यात्मिक संवाद में माईर्स एमआयटी के और डब्लूपीयू से जुडे आचार्य श्री शिवम ने भगा लिया था. यहां पर अपना सफल प्रवचन देने के बाद एमआयटी डब्ल्यू पी यु के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो. डॉ.विश्वनाथ दा.कराड ने उनका सन्मान किया और शुभकामना दी.

 

सुप्रसिद्ध दार्शनिक एवं आध्यात्मिक चिंतक प्रोफेसर एमेरिटस रवि रविंद्र ने इसका संचालन किया था. इस में थियोसोफिकल परंपरा से जुड़े अनेक अनुयायियों, साधकों और विद्वानों की विश्व भर के ५५ देशों से सक्रिय उपस्थिति थी. इस संवाद का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक ज्ञान को व्यवहारिक जीवन, आचरण और चेतना के स्तर पर उतारना रहा.

इस संदर्भ में एमआयटी डब्ल्यूपीयुके संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा कराड के विश्व शांति दृष्टिकोण का विशेष महत्व है. डॉ. कराड द्वारा प्रतिपादित “अध्यात्म शास्त्र की वैज्ञानिक प्रयोगशाला” का दर्शन—जिसमें विज्ञान, अध्यात्म, दर्शन और कला का समन्वय है—शिक्षा को आंतरिक एवं वैश्विक शांति का माध्यम मानता है.

इसी विषय को रखते हुए आचार्य श्री शिवम ने कहा कि, माईर्स ट्रस्ट ने अपने दायित्व के माध्यम से वे व्यक्तियों और विशेषकर युवाओं के भीतर आत्म-जागरूकता, विवेक और आंतरिक परिवर्तन को जागृत करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं. एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में युवाओं को ऐसी आंतरिक यात्रा की ओर प्रेरित करना है, जहाँ ज्ञान, मूल्य और चेतना एक साथ विकसित हों.

स्कूल ऑफ़ द विजडम में हुआ यह संवाद केवल एक बौद्धिक मंच नहीं रहा, बल्कि समान चेतना और साझा उद्देश्य का संगम बना—ऐसे जाग्रत व्यक्तियों के निर्माण का संकल्प, जो करुणा, संतुलन और शांति के साथ विश्व के कल्याण में योगदान दे सकें.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button