
स्किल्ड एजुकेशन के जरिए छात्र खुद को खडे हो केरल के गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर ने छात्रों से की अपील
फ्यूल की ओर से सालाना कॉन्क्लेव व फ्यूचर स्किल्स समिट
रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: विकसित भारत २०४७ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है. उन्होंने एक नई एजुकेशन पॉलिसी लाई हैं जो कोलोनियल सोच को तोडती है. वैल्यू-बेस्ड लीडरशीप और शासन मिलकर काम करने वाले भारतीय एजुकेशन और स्किल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए जरूरी है. स्किल इंडिया नारे के मुताबिक स्टूडेंटस को जॉब के पीछी नहीं भागना चाहिए बल्कि स्किल्ड एजुकेशन के आधार पर जॉब क्रिएटर बनना चाहिए. यह अपील केरल के गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर ने की.
फ्यूल ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन की ओर से कैंपस में सालाना कॉन्क्लेव और फ्यूचर स्किल्स समिट २०२६ का आयोजन किया था. यहां पर वे बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे.
इस समय फ्यूल ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. केतन देशपांडे, सीओओ मयूरी देशपांडे तथा अन्य गणमान्य मौजूद थे.
इस समय डॉ. केतन देशपांडे को शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनोखे काम के लिए गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर ने खास तौर पर सम्मानित किया.
यहां पर इंडिया के सोशल स्टॉक एक्सचेंज फ्रेमवर्क के तहत फ्यूल के अहम पडावों की भी घोषणा की.
गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर ने कहा, फ्यूल की कोशिशों ने देश भर में पिछड़े और पहली पीढ़ी के स्टूडेंट्स के लिए उम्मीदों और नौकरी पाने की क्षमता के बीच के अंतर को काफी कम कर दिया है. आनेवाला वर्ल्ड क्लास फ्यूल एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन शिक्षा, स्किल्स और इंडस्ट्री को जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है. यह भारत के भविष्य के लिए तैयार टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत करेगा.
हमें यह सोचना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं, न कि समाज ने हमें क्या दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि स्टूडेंट्स को हमेशा यह मोटो याद रखना चाहिएः अगर तुम अपने लिए जिओंगे, तो मरोगे, अगर तुम दूसरों के लिए जिओंगे तो जीओंगे.
डॉ. केतन देशपांडे ने कहा, मेरा मानाना है कि टैलेंट हर जगह है लेकिन उसे सही मौका नहीं मिलता. फ्यूल के पिछले २० सालों के सफर में यह पाया गया है कि जब अच्छी शिक्षा और सम्मान को नौकरी से जोडा जाता है, तो पिछडे युवा भारत के विकास में आत्मविश्वास से योगदान दे सकते है.

वीडियों के जरिए राज्य के हायर और टेक्निकल एजुकेशन मिनिस्टर चंद्रकांत पाटिल ने मैसेज दिया कि, आइए नई एजुकेशन पॉलीसी में स्किल डेवलपमेंट के जरिए इंडस्ट्री के लिए कुछ करने की कोशिश करेंगे. फ्यूल ने पिछले दो दशकों से शिक्षा और युवा विकास के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रहा है. यह शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच के अंतर को कम करने की उनकी सच्ची कोशिश है. फ्यूल के जरिए एंटरप्रेन्योर्स से ५ प्रतिशत हिस्सा लेकर और उसे शिक्षा में बदलकर टैलेंटेड स्टूडेंट्स को स्किल डेवलपमेंट के जरिए नौकरियों के लिए तैयार किया जा किया जाता है।सूत्रसंचालन सानिका निर्मल ने किया.


