
फाइलेरिया (हाथीपांव) से बचाव के लिए आज से शुरू होगा सामूहिक दवा सेवन अभियान
कलेक्टर ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . मऊगंज जिले के हनुमना ब्लॉक में फाइलेरिया (हाथीपांव) से बचाव के लिए 10 से 24 फरवरी तक सामूहित दवा सेवन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर संजय कुमार जैन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अभियान के संबंध में सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करें। अभियान का शुभारंभ हनुमना तहसील में किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारी शामिल होंगे। सभी स्कूलों तथा छात्रावासों में अभियान से संबंधित जानकारी छात्रों तथा उनके अभिभावकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। नगरीय क्षेत्र के सभी वार्डों में कचरा वाहनों के माध्यम से अभियान का प्रचार-प्रसार किया कराएं। अभियान के दौरान ब्लॉक के समस्त लक्षित पात्र जनसंख्या को फाइलेरिया रोधी दवा डीईसी सौ एमजी की गोली एवं चार सौ एमजी गोली का सेवन उम्र के अनुसार कराया जाएगा। पाँच वर्ष से ऊपर के लोगों को आइवरमैक्टीन दवा की एक खुराक ऊंचाई के अनुसार दी जाएगी। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अति वृद्ध अथवा गंभीर बीमारी वाले व्यक्तियों को दवा का सेवन नहीं कराया जाएगा। दवाओं का सेवन प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं द्वारा कराया जाएगा।
कलेक्टर सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वंय दवा का सेवन करने को कहा ताकि अन्य लोग दवा के सेवन के लिए प्रेरित हों। सुदूर वन ग्रामों में वनरक्षको के माध्यम से लोगों को अभियान की जानकारी दें। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केबी गौतम द्वारा पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से अभियान की कार्ययोजना एवं फाइलेरिया बीमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाला एक परजीवी रोग है। इसके लक्षण (पैरों या अंगों में सूजन) संक्रमण के कई सालों बाद दिखाई देते हैं। यह दवा फ़ाइलेरिया के परजीवीयो को मार देती है और हांथीपाँव व् हाइड्रोसील जैसी बीमारी से बचाने में मदद करती है। दवा पेट के अन्य खतरनाक कीड़ों को भी ख़त्म कर देती है तथा खुजली एवं जू के खात्मे में भी मदद करती है। चूंकि इस बीमारी में हाथ और पैर हाथी के पांव जितने सूज जाते हैं इसलिए इस बीमारी को हाथीपांव कहा जाता है। रोग की प्रारंभिक अवस्था मे बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग और उसके आस-पास दर्द व सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल (अंडकोषों की सूजन) भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


