वर्दी में रील पर पाबंदी, फिर टीएसआई का वीडियो वायरल—नियम सिर्फ आम पुलिसकर्मियों के लिए?
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: इटावा |उत्तर प्रदेश
पुलिस विभाग जहां वर्दी में सोशल मीडिया रील और वीडियो बनाने पर सख्त पाबंदी की बात करता है, वहीं इटावा में एक टीएसआई का कथित वायरल वीडियो इन दावों पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में टीएसआई सुवेदार सिंह वर्दी में एक कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं और बैकग्राउंड में ऐसा गाना बज रहा है, जिसके बोल पुलिस को चुनौती देते प्रतीत हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वीडियो किसी कार्यक्रम के दौरान मौजूद एक महिला द्वारा बनाया गया था, लेकिन अब इसके वायरल होते ही विभागीय अनुशासन और नियमों के पालन को लेकर बहस तेज हो गई है। खास बात यह है कि पुलिस विभाग पहले भी स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है कि कोई भी कर्मी वर्दी में इस तरह के वीडियो या रील का हिस्सा नहीं बनेगा, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोरों पर है कि संबंधित टीएसआई पहले भी वर्दी में रील बनाकर अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या नियम सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए ही हैं या फिर सभी पर समान रूप से लागू होंगे?
वायरल वीडियो ने एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है—जब आम लोगों के चालान काटने वाली पुलिस खुद नियमों के घेरे में दिखे, तो जवाबदेही कौन तय करेगा?
हालांकि अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो हाल का है या पुराना। लेकिन इतना तय है कि यह मामला अब सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि विभाग की साख और अनुशासन पर सीधा सवाल बन गया है।

