
बार्टी करियर एंड एम्प्लॉयमेंट फेयर में हजारों विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
बार्टी अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्रदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा:— महासंचालक सुनील वारे
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान :नांदेड़ महाराष्ट्र
नांदेड,: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था बार्टी द्वारा नांदेड में अनुसूचित जाति के युवक-युवतियों के लिए आज ‘बार्टी करियर एंड एम्प्लॉयमेंट फेयर’ का आयोजन किया गया। इस फेयर में विद्यार्थियों का भारी उत्साहजनक सहभागिता रही। राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी आंध्र प्रदेश से भी कई विद्यार्थी इस फेयर में शामिल हुए।
महासंचालक सुनील वारे ने कहा कि भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संघर्षों को पार करते हुए विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनका आदर्श आज के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। बार्टी करियर एंड एम्प्लॉयमेंट फेयर के माध्यम से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

बार्टी पुणे द्वारा शंकराव चव्हाण सभागृह, नांदेड में आयोजित इस फेयर में नांदेड के निवासी उपजिल्हाधिकारी किरण आंबेकर, बार्टी के विभाग प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड, प्रेरणा कंसल्टेंसी के अध्यक्ष प्रकाश बोडके, जनरल मैनेजर फयाद गोली, रवींद्र दरेकर, लॉ कॉलेज के प्राचार्य एम. बी. अल्ली, बार्टी के प्रकल्प प्रबंधक महेश प्रकल्प अधिकारी मनोज खंदारे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फेयर का प्रारंभिक प्रास्ताविक डॉ. जोगदंड ने किया। उन्होंने कहा कि मराठवाडा के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। बार्टी ने नांदेड में यह पहला पायलट प्रोजेक्ट आयोजित किया है, जिसे छात्रों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से इस उपक्रम का लाभ लेने का आवाहन किया।
निवासी उपजिल्हाधिकारी किरण आंबेकर ने कहा कि बार्टी के विद्यार्थियों को प्रदेश में अवसर प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो जिला प्रशासन हर संभव मदद करेगा।
प्रेरणा कंसल्टेंसी के अध्यक्ष प्रकाश बोडके ने विद्यार्थियों को विदेशी रोजगार प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन दिया। रवींद्र दरेकर और फयाद गोली ने भी छात्रों को करियर विकल्पों के संबंध में जानकारी दी।

इस मेळावे के सफल आयोजन में प्रकल्प अधिकारी मनोज खंदारे, मुंजाजी कांबळे, रामदास लोखंडे सहित बार्टी के समतादूतों ने विशेष योगदान दिया। सूत्र संचालन अविनाश नाईक और सोनू दरेगावकर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महेश गवई ने प्रस्तुत किया।



