
‘मोगरा फुलला’ उत्सव मॉरीशस में सफलतापूर्वक संपन्न
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: संत साहित्य पर आधारित ‘मोगरा फुलला’ बहुवर्षीय सांस्कृतिक उत्सव समुद्र के किनारे बसे मॉरीशस में 1 मार्च 2026 को सर्ज कॉन्स्टेंटिन थिएटर में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह विशेष कार्यक्रम संत ज्ञानेश्वर महाराज के 750वें जन्मोत्सव और मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के सुवर्ण क्षण के अवसर पर स्वान रिसर्च एंड सोशल स्टडी फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था।
इस आयोजन ने दुनिया भर के मराठी प्रेमियों को एक सांस्कृतिक धागे में पिरो दिया। पिछले लगभग 200 वर्षों से मॉरीशस में मराठी संस्कृति संरक्षित होने के कारण इस कार्यक्रम के लिए मॉरीशस को चुना गया।
कार्यक्रम का आयोजन स्वान रिसर्च एंड सोशल स्टडी फाउंडेशन ने किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध व्याख्याता गणेश शिंदे और गायिका सिन्मिता धापटे-शिंदे ने संत साहित्य पर आधारित व्याख्यान और संगीतमय प्रस्तुति दी। साथ ही, शुभांगी शिंदे ने ‘मैं महाराष्ट्र बोल रहा हूँ’ नामक प्रभावशाली स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। मराठी भाषा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अनुभव दर्शकों को समृद्ध रूप में प्राप्त हुआ। महाराष्ट्र और मॉरीशस के मराठी प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम को भरपूर समर्थन दिया।
इस कार्यक्रम में मॉरीशस के कला एवं संस्कृति मंत्री महेंद्र गोंदिया, मॉरीशस मराठी कल्चरल सेंटर ट्रस्ट के अध्यक्ष धनीराव भवाजी, मॉरीशस मराठी मंडळी फेडरेशन के अध्यक्ष बलराज नारू, मॉरीशस मराठी स्पीकिंग यूनियन के अध्यक्ष भालचंद्र गोविंद, स्वान फाउंडेशन के सचिव विकास टाकळीकर और सचिव प्रसादराजे भोपळे उपस्थित थे।
स्वान रिसर्च एंड सोशल स्टडी फाउंडेशन के अध्यक्ष शशिकांत कांबळे ने इस अवसर पर कार्यक्रम को विभिन्न देशों में ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल में लंदन में डॉ. बी. आर. आंबेडकर डिबेट वर्ल्ड कप आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, मॉरीशस में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजित करने की घोषणा भी उन्होंने की।
‘मोगरा फुलला’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह मराठी अस्मिता, संत परंपरा और भाषाई गौरव का वैश्विक मंच बनकर उभरा। परंपरा और आधुनिकता का संगम साधते हुए मराठी संस्कृति के वैश्विक बंध और अधिक मजबूत करने का संदेश इस कार्यक्रम ने दिया। यह उम्मीद जताई गई कि मराठी संस्कृति की सुवासित परंपरा सीमाओं को पार कर दुनिया भर में खिलती रहे।



